October 14, 2026

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Rewa Crime & Anti Drug Action: रीवा संभाग में 18 महीनों में 1615 नशा तस्कर जेल पहुंचे, IG गौरव राजपूत का खुलासा

मध्य प्रदेश में नशे के अवैध कारोबार पर नकेल कसने के लिए मुख्यमंत्री मोहन यादव की सरकार पूरी तरह सख्त नजर आ रही है। इसी कड़ी में प्रदेश के उप मुख्यमंत्री, स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा मंत्री राजेंद्र शुक्ला ने रीवा स्थित स्थानीय राजनिवास में एक महत्वपूर्ण हाई लेवल समीक्षा बैठक बुलाई। इस बैठक में रीवा कलेक्टर नरेन्द्र कुमार सूर्यवंशी, आईजी गौरव राजपूत, एसपी गुरकरण सिंह सहित क्षेत्र के तमाम वरिष्ठ प्रशासनिक व पुलिस अधिकारी उपस्थित रहे। उप मुख्यमंत्री ने समीक्षा बैठक के दौरान साफ किया कि क्षेत्र के विकास की रफ्तार में नशे का ग्रहण किसी भी कीमत पर नहीं लगने दिया जाएगा।

🏥 नशे के सौदागरों पर प्रहार के साथ पुनर्वास पर जोर: कलेक्टर को दिए सूची तैयार करने के निर्देश

आयोजित बैठक में ‘नशामुक्त भारत अभियान’ की विस्तृत समीक्षा करते हुए उप मुख्यमंत्री ने पुलिस व प्रशासन को निर्देश दिए कि अवैध नशीले पदार्थों (कोरेक्स, स्मैक, गांजा आदि) के उत्पादकों और सप्लायरों के खिलाफ कठोरतम कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि नशे के सौदागरों को सलाखों के पीछे भेजने के साथ-साथ नशे की गिरफ्त में आ चुके युवाओं का समुचित इलाज व पुनर्वास भी बेहद जरूरी है। इसके लिए उन्होंने कलेक्टर को निर्देश दिए कि ऐसे पीड़ितों की सूची तैयार कर उन्हें नशामुक्ति केंद्रों के माध्यम से सही उपचार उपलब्ध कराया जाए।

🛡️ 2029 तक नशामुक्त भारत का संकल्प: 18 महीनों में 1615 नशा तस्करों को भेजा गया जेल

गृहमंत्री अमित शाह के साल 2029 तक देश को नशामुक्त बनाने के संकल्प का उल्लेख करते हुए राजेंद्र शुक्ला ने जन प्रतिनिधियों व स्वयंसेवी संस्थाओं को भी इस अभियान से जोड़ने का आह्वान किया। वहीं, रीवा जोन के आईजी गौरव राजपूत ने आंकड़े प्रस्तुत करते हुए बताया कि रीवा संभाग में पिछले 18 महीनों में ड्रग्स, कोरेक्स, गांजा और अवैध शराब के खिलाफ ताबड़तोड़ कार्रवाई की गई है। इस दौरान 1615 नशे के सौदागरों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया है और भारी मात्रा में नशीले पदार्थ व प्रतिबंधित सिरप व टैबलेट्स जब्त की गई हैं।

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