October 14, 2026

News Prawah

UDYAM-MP-49-0001253

Chhatarpur News: छतरपुर और नौगांव में रामलीला की धूम, वकील निभाते हैं रावण का किरदार; 76 साल पुरानी है अन्नपूर्णा रामलीला

छतरपुर और नौगांव क्षेत्र में शारदीय नवरात्रि के पावन अवसर पर रामलीला का मंचन पूरी श्रद्धा और उत्साह के साथ किया जा रहा है। नौगांव की रामलीला को बुंदेलखंड की सबसे पुरानी रामलीलाओं में गिना जाता है, जिसका इतिहास 122 साल पुराना है। इस ऐतिहासिक रामलीला की शुरुआत अंग्रेजी शासनकाल में हुई थी। इतिहासकार दिनेश सेन के अनुसार, ब्रिटिशकाल में नौगांव अंग्रेजों की छावनी हुआ करती थी और यहां बुंदेलखंड रियासतों का पॉलिटिकल एजेंट रहता था। रामलीला के स्थायी मंच और भवन के निर्माण के लिए भी ब्रिटिश अधिकारियों ने ही जमीन लीज पर दी थी।

⚡ जब परशुराम के कोड़े से घबरा गया था अंग्रेज अफसर: आशीर्वाद साबित हुआ वह वाकया

रामलीला के मंचन के दौरान एक बार धनुष यज्ञ का दृश्य चल रहा था, जिसमें लोकनाथ महाराज परशुराम का अभिनय कर रहे थे। गुस्से में वे बार-बार कोड़ा चला रहे थे, और इसी दौरान एक कोड़ा वहां रामलीला देखने आए ब्रिटिश पॉलिटिकल एजेंट कर्नल फिसर को लग गया। अंग्रेज अफसर गुस्से से लाल हो गया, लेकिन रामलीला समिति के पदाधिकारी रायबहादुर बल्लो भइया ने चतुराई से समझाया कि हिंदू संस्कृति में परशुराम का कोड़ा लगना परम मंगलकारी और कल्याणकारी होता है। अगली साल जब वह अफसर दोबारा रामलीला देखने आया तो उसने खुद माना कि कोड़ा लगने के बाद उसकी पुत्री के यहां स्वस्थ बच्चे का जन्म हुआ था, जिससे उसका गुस्सा पूरी तरह दूर हो गया था।

🌟 20 गांवों के लोग पहुंचते हैं देखने, छतरपुर में वकील निभाते हैं रावण का किरदार

नौगांव में करीब 15 दिनों तक चलने वाली इस रामलीला में श्रीराम जन्म से लेकर रावण वध तक के विभिन्न प्रसंगों का सजीव मंचन होता है, जिसे देखने आसपास के 20 गांवों से लोग पहुंचते हैं। वहीं, छतरपुर शहर के बीचोंबीच आयोजित होने वाली अन्नपूर्णा रामलीला के भी 76 वर्ष पूरे हो चुके हैं। इस रामलीला की सबसे बड़ी खासियत यह है कि शहर के व्यापारी, समाजसेवी, वकील और राजनेता मिलकर बिना किसी शुल्क के इसमें कलाकारी करते हैं। यहां तक कि रावण का मुख्य किरदार शहर के जाने-माने एडवोकेट लखन राजपूत द्वारा निभाया जाता है, जिसकी तैयारी महीनों पहले शुरू हो जाती है।

Share to...