ग्वालियर। सिंधिया राजघराने की संपत्ति बंटवारे के विवाद में एक नया मोड़ आ गया है। गुरुवार को केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया की बड़ी बुआ की बेटी प्रतिमा देवी की ओर से दायर आपत्ति याचिका को कोर्ट ने स्वीकार कर लिया। कोर्ट के इस निर्णय से ‘आउट ऑफ कोर्ट सेटलमेंट’ से बाहर रखी गईं प्रतिमा देवी भी अब इस 41 हजार करोड़ रुपये की संपत्ति में अपना कानूनी दावा पेश कर सकेंगी।
📜 एक्स-पार्टी बताकर समझौते से किया गया था बाहर
असल में सिंधिया राजघराने की लगभग 41 हजार करोड़ रुपये की विशाल संपत्ति के बंटवारे को लेकर कोर्ट की सलाह पर आपसी सहमति से बंटवारा होना तय हुआ है। इसमें सिंधिया राजपरिवार के मुखिया केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया और उनकी तीन बुआएं—उषा राजे, वसुंधरा राजे और यशोधरा राजे सिंधिया—पहले ही दावा पेश कर चुकी हैं। लेकिन आउट ऑफ कोर्ट सेटलमेंट में ज्योतिरादित्य सिंधिया की बड़ी बुआ दिवंगत पद्मराजे राणा के बच्चों को एक्स-पार्टी बताकर समझौते से बाहर कर दिया गया था, जिस पर उनकी बेटी प्रतिमा देवी ने ग्वालियर कोर्ट में आपत्ति आवेदन दायर किया था।
📩 गलत पते पर भेजे गए थे नोटिस, प्रतिमा देवी ने कोर्ट में रखा पक्ष
25 अगस्त को हुई पिछली सुनवाई में प्रतिमा देवी अपनी बेटी शिवांगी और दामाद प्रतीक कारकी के साथ ग्वालियर कोर्ट पहुंची थीं। वहां उन्होंने कोर्ट के समक्ष अपनी बात रखते हुए बताया था कि उन्हें संपत्ति बंटवारे में दावे के लिए कोई नोटिस प्राप्त ही नहीं हुआ, क्योंकि नोटिस गलत पते पर भेजे गए थे। इसके साथ ही उन्होंने बंटवारे में अपना अधिकार जताते हुए कहा कि उनकी मां पद्मराजे राणा भी महाराजा जीवाजी राव सिंधिया की बेटी थीं, उस नाते सिंधिया परिवार की संपत्ति में उनकी मां का भी बराबर का हक बनता है। उनकी इस आपत्ति पर पूर्व में ही उनकी तीनों मौसियों और ममेरे भाई ज्योतिरादित्य सिंधिया की ओर से जवाब पेश किए जा चुके थे।
👨⚖️ दामाद प्रतीक कारकी ने जताया न्याय पर भरोसा, सुनवाई में शामिल होगा पक्ष
गुरुवार को आपत्ति आवेदन पर कोर्ट में हुई सुनवाई के दौरान प्रतिमा देवी के दामाद प्रतीक कारकी मौजूद रहे। उन्होंने बातचीत में बताया कि कोर्ट ने उनकी सास प्रतिमा देवी के आवेदन को स्वीकार कर लिया है। इसके साथ ही अब संपत्ति में उनके दावे को भी मुख्य सुनवाई में शामिल किया जाएगा। कोर्ट के इस फैसले से अब प्रतिमा देवी को अपना पक्ष और साक्ष्य रखने का पूरा मौका मिलेगा। प्रतिमा देवी की ओर से कोर्ट पहुंचे प्रतीक कारकी ने कहा, “उन्हें कोर्ट के न्याय पर पूरा भरोसा है।”
🗓️ 7 अक्टूबर को होगी मामले की अगली सुनवाई
सिंधिया राजपरिवार के अधिवक्ता प्रशांत शर्मा ने बताया कि गुरुवार की सुनवाई में कोर्ट ने प्रतिमा देवी की आपत्ति को स्वीकार करते हुए उसे मुख्य केस में शामिल कर लिया है। मामले की अगली सुनवाई 7 अक्टूबर को होगी, जिसमें प्रतिमा देवी की आपत्ति और समझौते से जुड़े दस्तावेजों को लेकर आगे की सुनवाई की जाएगी।

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