मैहर। बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व का रेडियो कॉलर लगा हाथी अब मैहर वन मंडल के जंगलों में पहुंच गया है। हाथी की लोकेशन मैहर की गोरसरी पहाड़ी के पास ट्रेस होने के बाद बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व प्रबंधन ने उसकी निगरानी बढ़ा दी है। हाथी की गतिविधियों पर नजर रखने और किसी भी अप्रिय स्थिति से बचने के लिए बांधवगढ़ से विशेष अधिकारियों और कर्मचारियों की टीम को मौके पर तैनात किया गया है।
📡 कॉलर नंबर 4 वाले हाथी की लगातार हो रही ट्रैकिंग, अनूपपुर से किया गया था रेस्क्यू
बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के क्षेत्रीय संचालक अनुपम सहाय ने बताया, “कॉलर नंबर 4 वाला यह हाथी पूरी तरह से स्वस्थ है और फिलहाल मैहर वन मंडल के जंगल क्षेत्र में मौजूद है। रेडियो कॉलर के माध्यम से उसकी लोकेशन लगातार ट्रैक की जा रही है। प्रबंधन की प्राथमिकता हाथी की सुरक्षा निगरानी के साथ आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में किसी तरह की समस्या उत्पन्न न होने देना है।”
बता दें कि कॉलर नंबर 4 हाथी को पूर्व में अनूपपुर क्षेत्र से रेस्क्यू कर बांधवगढ़ लाया गया था। रेस्क्यू के बाद उसके गले में रेडियो कॉलर लगाया गया और निगरानी के साथ जंगल में छोड़ा गया था। इसके बाद हाथी ने खतौली क्षेत्र के जंगलों में अपनी गतिविधियां दर्ज कराईं और अब वह जंगल के रास्ते आगे बढ़ते हुए मैहर वन मंडल की गोरसरी पहाड़ी तक पहुंच गया है। रेडियो कॉलर होने के कारण वन विभाग को हाथी की पल-पल की लोकेशन मिल रही है।
🛡️ 26 सदस्यीय टीम, प्रशिक्षित हाथी ‘राम’ और ‘सूर्य’ निगरानी में तैनात
हाथी की कड़ी निगरानी के लिए बांधवगढ़ के क्षेत्र संचालक, उपसंचालक, सहायक संचालक और तीन रेंजर सहित करीब 26 अधिकारियों व कर्मचारियों की टीम मैहर पहुंची हुई है। टीम में हाथियों के व्यवहार और ट्रैकिंग का गहरा अनुभव रखने वाले कर्मचारी भी शामिल हैं। इसके अलावा बांधवगढ़ के प्रशिक्षित हाथी ‘राम’ और ‘सूर्य’ को चार महावतों के साथ निगरानी अभियान में लगाया गया है।
वन अमला हाथी की लोकेशन के अनुसार लगातार क्षेत्र का मुआयना कर रहा है। टीम का प्रयास है कि हाथी की प्राकृतिक गतिविधियों में बिना किसी अनावश्यक हस्तक्षेप के उसकी सुरक्षा सुनिश्चित की जाए। साथ ही आसपास के ग्रामीणों को भी हाथी की मौजूदगी को लेकर सतर्क रहने की सलाह दी जा रही है।
🗣️ क्षेत्र संचालक अनुपम सहाय का बयान
क्षेत्र संचालक अनुपम सहाय ने बताया, “कॉलर वाला हाथी अभी मैहर के जंगल में है और पूरी तरह से स्वस्थ व सुरक्षित है। बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व की विशेषज्ञ टीम लगातार उसकी ट्रैकिंग कर रही है। हाथी के व्यवहार और उसकी गतिविधियों पर बारीक नजर रखने के लिए अनुभवी वन कर्मियों को जिम्मेदारी सौंपी गई है।”

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