October 17, 2026

News Prawah

UDYAM-MP-49-0001253

Pending Cases in MP Courts: न्याय की राह देख रहे लाखों लोग, पांच साल से पुराने मामलों की संख्या 3.48 लाख के पार

जबलपुर। न्याय की आस में अदालतों की चौखट पर चक्कर लगा रहे लाखों आम नागरिकों के लिए मुकदमों का फैसला अब लंबी प्रतीक्षा का विषय बनता जा रहा है। मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय की मुख्यपीठ जबलपुर के साथ-साथ इंदौर और ग्वालियर खंडपीठ के अधीन आने वाली प्रदेशभर की अधीनस्थ न्यायपालिका पर मुकदमों का पहाड़ जैसा बोझ लटक गया है। स्थिति यह है कि मामलों के त्वरित निपटारे के लाख दावों के बावजूद अदालतों में तारीख पर तारीख मिलने का सिलसिला जारी है।

📊 लोकसभा में पेश हुए केंद्र सरकार के आंकड़े: 30 जुलाई 2026 तक प्रदेश में 21,42,280 केस पेंडिंग

संसद के पटल यानी लोकसभा में प्रस्तुत किए गए केंद्र सरकार के ताजा आंकड़ों के अनुसार, 30 जुलाई 2026 तक अकेले मध्य प्रदेश की जिला एवं अधीनस्थ अदालतों में कुल 21,42,280 मामले लंबित दर्ज किए गए हैं। इन पेंडिंग मामलों में से 3,48,670 केस ऐसे हैं जो पांच साल से अधिक समय से न्याय की प्रतीक्षा कर रहे हैं, जबकि 36,080 मामले तो ऐसे हैं जिन्हें अदालत में चलते हुए 10 साल से भी ज्यादा का वक्त बीत चुका है। इतने बड़े पैमाने पर मुकदमों का लंबित रहना न्याय प्रणाली के समक्ष एक बड़ी चुनौती बना हुआ है।

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