इंदौर। आगामी ग्रीष्मकाल में संभावित भीषण जलसंकट से निपटने के लिए इंदौर नगर निगम ने अभी से अपनी तैयारियाँ तेज़ कर दी हैं। यद्यपि अभी गर्मी के तेवर पूरी तरह तीखे नहीं हुए हैं और ग्रीष्मकाल में थोड़ा समय शेष है, लेकिन नगर निगम द्वारा कराए गए हालिया सर्वे ने चिंता बढ़ा दी है। रिपोर्ट के मुताबिक शहर भर में निगम के कुल 361 बोरिंग पूरी तरह से सूख चुके हैं। चिंताजनक बात यह भी है कि विशेषज्ञों के अनुसार निकट भविष्य में इन बोरिंगों के दोबारा रिचार्ज होने की भी कोई संभावना नहीं दिख रही है।
🛢️ 85 हजार से ज्यादा परिवारों तक नहीं पहुँच पा रहा पर्याप्त नर्मदा जल: 52 हजार घरों में अब तक नहीं बिछी पाइपलाइन
शहर में पेयजल आपूर्ति का गणित गड़बड़ाने का मुख्य कारण नर्मदा जल का असमान वितरण है। आंकड़ों के अनुसार शहर में 85 हजार से भी ज्यादा परिवार ऐसे हैं जिन्हें विभिन्न तकनीकी और भौगोलिक कारणों से पर्याप्त नर्मदा जल उपलब्ध नहीं हो पा रहा है। इनमें से 52 हजार से अधिक घर तो ऐसे हैं जिनकी चौखट तक आज तक नर्मदा की मुख्य पाइपलाइन पहुँची ही नहीं है। ऐसे में इन इलाकों के रहवासी पूरी तरह से स्थानीय जल स्रोतों और टैंकरों पर निर्भर रहने को मजबूर हैं।
🚛 जलसंकट से निपटने के लिए 1200 टैंकरों की होगी दरकार: नगर निगम जल्द खरीदेगा 100 नए टैंकर
आगामी भीषण गर्मी के मौसम को देखते हुए अनुमान लगाया गया है कि इस बार नगर निगम को पानी की सुचारू आपूर्ति बनाए रखने के लिए प्रतिदिन कम से कम 1200 टैंकरों के फेरों की आवश्यकता पड़ेगी। इतनी विशाल संख्या में टैंकरों की मांग को पूरा करने के लिए नगर निगम प्रशासन ने अभी से खाका तैयार करना शुरू कर दिया है। इसी कड़ी में निगम द्वारा त्वरित कदम उठाते हुए 100 नए पानी के टैंकर खरीदने की प्रक्रिया शुरू की जा रही है, ताकि समय रहते प्रभावित क्षेत्रों में जलापूर्ति सुनिश्चित की जा सके।

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