इंदौर। पूर्व लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन शनिवार को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से मिलने के लिए इंदौर के रेसीडेंसी कोठी पहुँचीं। इस दौरान उन्होंने बंद कमरे में इंदौर के विकास कार्यों और सम-सामयिक मुद्दों पर मुख्यमंत्री के साथ विस्तृत चर्चा की। मुलाकात के बाद जब सुमित्रा महाजन मीडिया के सामने आईं, तो उन्होंने अपने चिर-परिचित मजाकिया अंदाज में कहा कि “मैं मुख्यमंत्री से नौकरी मांगने के लिए आई थी,” जिससे वहाँ हल्का-फुल्का माहौल बन गया।
💧 पेयजल संकट और अधूरे विकास कार्यों पर चर्चा: पाइपलाइन का डिजिटल रिकॉर्ड रखने और जल संरक्षण पर दिया जोर
पत्रकारों से बातचीत करते हुए सुमित्रा महाजन ने बताया कि उन्होंने शहर के विकास कार्यों को लेकर सीएम से आग्रह किया है कि कला-संस्कृति की अधूरी पड़ी बिल्डिंग और अहिल्या स्मारक का निर्माण जल्द पूरा किया जाए। इसके अलावा, इंदौर में गहराते पेयजल संकट पर चिंता जताते हुए उन्होंने कहा कि पाइपलाइन का डिजिटल रिकॉर्ड रखना बेहद जरूरी है। निर्माण कार्य के दौरान अक्सर पाइपलाइन फूटने से दूषित पानी मिलने की समस्या सामने आती है, जैसा कि हाल ही में नर्मदा लाइन फटने की घटना में देखा गया। उन्होंने सालभर पर्याप्त पानी के लिए जल संरक्षण अभियान चलाने और विस्तृत कार्ययोजना बनाने की बात कही।
⚖️ बीजेपी नेताओं की मुख्यमंत्री से भेंट और आंतरिक कलह की चर्चा: विधायकों की नाराजगी के बीच राजनीतिक हलचल तेज
सुमित्रा महाजन के अलावा अन्य कई स्थानीय बीजेपी नेताओं ने भी मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से मुलाकात की। हाल ही में इंदौर में पेयजल संकट को लेकर बुलाई गई नगरीय प्रशासन मंत्री की बैठक में आधे से ज्यादा विधायकों के न पहुँचने का मामला चर्चा में रहा था, जहाँ विधायकों ने सलाह को तवज्जो न मिलने का आरोप लगाया था। इस घटनाक्रम से एक बार फिर इंदौर बीजेपी में चल रही आंतरिक कलह और खींचतान की चर्चाएं तेज हो गई हैं।

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