भोपाल। मध्य प्रदेश की डॉ. मोहन यादव सरकार राज्य भर के लाखों सरकारी कर्मचारियों के लंबित मुद्दों एवं कल्याणकारी योजनाओं को लेकर एक बड़ा प्रशासनिक कदम उठाने जा रही है। मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में जल्द ही कर्मचारियों से संबंधित समीक्षा बैठक का आयोजन किया जाएगा। इस हेतु राज्य सरकार के सामान्य प्रशासन विभाग (GAD) ने सभी विभागों से कर्मचारियों से जुड़ी विस्तृत जानकारी और आंकड़े मंगाए हैं। लंबे समय से पेंशन, प्रमोशन, अनुकंपा नियुक्ति और सीधी भर्ती जैसे ज्वलंत मुद्दों के निराकरण की राह देख रहे कर्मचारी संगठनों ने इस पहल का स्वागत किया है।
📜 सामान्य प्रशासन विभाग ने जारी किया पत्र: विभागों से पोर्टल लिंक के जरिए मांगी गई जानकारी
मोहन सरकार द्वारा कर्मचारियों की समस्याओं के स्थाई समाधान की तैयारी तेज कर दी गई है।
सामान्य प्रशासन विभाग (GAD) की ओर से प्रदेश के समस्त विभाग प्रमुखों को औपचारिक पत्र प्रेषित किया गया है। पत्र में स्पष्ट उल्लेख किया गया है कि निकट भविष्य में मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में कर्मचारी कल्याण से जुड़े विभिन्न विषयों पर समीक्षा बैठक प्रस्तावित है। इसके सुचारू संचालन के लिए एक विशेष डिजिटल लिंक जारी किया गया है, जिसके माध्यम से विभागवार, जिलावार तथा संभागवार संपूर्ण आंकड़े व लंबित मामलों की रिपोर्ट अपलोड करने के निर्देश दिए गए हैं।
👏 कर्मचारी संगठनों ने किया फैसले का स्वागत: समीक्षा बैठक जल्द आयोजित करने की उठाई मांग
राज्य सरकार के इस सकारात्मक रुख का मध्य प्रदेश कर्मचारी मंच ने खुलकर स्वागत किया है और मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर बैठक शीघ्र आयोजित करने का अनुरोध किया है।
मध्य प्रदेश कर्मचारी मंच के प्रदेश अध्यक्ष अशोक पांडे ने बताया, “मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के विशेष प्रयासों से कर्मचारी कल्याण की दिशा में यह समीक्षा बैठक बुलाई जा रही है। इसमें कर्मचारियों के अनुकंपा नियुक्ति के पेंडिंग केस, पेंशन प्रकरण, पदोन्नति के मामले, सीधी भर्ती के विषय तथा कर्मचारियों पर चल रही विभागीय जांच प्रकरणों की व्यापक समीक्षा कर उनके त्वरित निराकरण पर ऐतिहासिक निर्णय लिया जाना तय है।”
🤝 दैनिक वेतनभोगी, संविदा और आउटसोर्स कर्मियों के मुद्दे भी शामिल करने की अपील
कर्मचारी मंच ने राज्य सरकार से आग्रह किया है कि समीक्षा बैठक में केवल नियमित कर्मचारियों ही नहीं, बल्कि अन्य श्रेणियों के कर्मियों का ध्यान रखा जाए।
मंच ने मांग उठाई है कि इस उच्चस्तरीय बैठक में स्थाई कर्मियों, दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों, आउटसोर्स कर्मियों, संविदा कर्मचारियों तथा अंशकालीन कर्मियों की जायज मांगों को भी प्रमुखता से एजेंडे में शामिल किया जाए और उनके स्थाई समाधान के लिए स्पष्ट दिशा-निर्देश प्रसारित किए जाएं।

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