रतलाम। मध्य प्रदेश के रतलाम जिले अंतर्गत नामली स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) में अव्यवस्थाओं और घायलों का इलाज न मिलने के विरोध में शुक्रवार को ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। आक्रोशित ग्रामीणों और परिजनों ने शासकीय अस्पताल के मुख्य द्वार पर बैठकर 3 घंटे तक जोरदार धरना-प्रदर्शन किया। अस्पताल प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की उदासीनता से तंग आकर प्रदर्शनकारियों ने ढोल बजाकर विरोध दर्ज कराया, ताकि सोए हुए जिम्मेदार अधिकारियों की नींद खुल सके।
🏥 एक्सीडेंट में घायल 6 लोग तड़पते रहे, अस्पताल से नदारद थे ड्यूटी डॉक्टर: रतलाम करना पड़ा रेफर
प्रदर्शन की मुख्य वजह गुरुवार शाम नामली क्षेत्र में हुआ एक भीषण सड़क हादसा था, जिसमें दो बाइकों की भिड़ंत में 6 लोग गंभीर रूप से घायल हो गए थे।
घायलों को तत्काल इलाज के लिए नामली के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लाया गया। परिजनों का आरोप है कि आपातकालीन स्थिति में ड्यूटी पर तैनात डॉक्टर राजेश मंडलोई अस्पताल से नदारद थे। डॉक्टर के अनुपस्थित रहने के कारण किसी भी घायल को प्राथमिक उपचार तक नहीं मिल सका, जिससे उनकी स्थिति बिगड़ने लगी। बाद में सभी घायलों को इलाज के लिए रतलाम जिला अस्पताल रेफर करना पड़ा।
💰 ‘डॉक्टर चलाते हैं निजी क्लीनिक, डिलीवरी के लिए स्टाफ मांगता है रिश्वत’: ग्रामीणों ने लगाए गंभीर आरोप
धरने पर बैठे स्थानीय निवासियों का आरोप है कि नामली अस्पताल की बदहाली का यह कोई पहला मामला नहीं है।
- निजी क्लीनिक का आरोप: धरने का नेतृत्व कर रहे बंटी डाबी ने आरोप लगाया कि ड्यूटी डॉक्टर सरकारी अस्पताल में समय देने के बजाय अपना निजी क्लीनिक संचालित करने में व्यस्त रहते हैं, जिससे हजारों ग्रामीणों को इलाज के लिए भटकना पड़ता है।
- रिश्वतखोरी का आरोप: कलोरी गांव के चरण सिंह ने बताया कि पिछले साल उनकी बेटी की डिलीवरी के दौरान अस्पताल के स्टाफ द्वारा अवैध रूप से रुपयों की मांग की गई थी और मना करने पर दुर्व्यवहार किया गया था।
- बाहर से दवाइयां और जांच: ग्रामीण दीपक चौहान ने बताया कि अस्पताल में ब्लड और यूरीन टेस्ट के नाम पर मरीजों को निजी पैथोलॉजी लैब भेजा जाता है और सरकारी दवाइयां उपलब्ध न कराकर बाहर की मेडिकल दुकानों से खरीदने को मजबूर किया जाता है।
⏱️ सीएमएचओ ने दिया 2 दिनों में सुधार का आश्वासन: ग्रामीणों ने दी तालाबंदी की चेतावनी
लगभग तीन घंटे तक चले उग्र प्रदर्शन की सूचना मिलने के बाद मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) डॉ. किरण वादीवा स्वयं मौके पर पहुंचीं और प्रदर्शनकारियों से बात की।
सीएमएचओ डॉ. किरण वादीवा ने बताया कि स्थानीय लोगों की शिकायतों को गंभीरता से सुना गया है और ब्लॉक मेडिकल ऑफिसर (BMO) को तत्काल प्रभाव से व्यवस्थाओं में सुधार करने के सख्त निर्देश जारी किए गए हैं। दूसरी ओर, प्रदर्शनकारियों ने स्पष्ट कर दिया है कि यदि अगले दो दिनों के भीतर अस्पताल की कार्यप्रणाली में सुधार नहीं हुआ और लापरवाह कर्मचारियों पर कार्रवाई नहीं की गई, तो वे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर अनिश्चितकालीन तालाबंदी करेंगे।

More Stories
NH-45 Shahpura Toll Plaza News: जबलपुर वासियों को बड़ी राहत! क्षतिग्रस्त शाहपुरा ओवरब्रिज पर बंद होगी टोल टैक्स वसूली
Women Empowerment MP: भोपाल में पुलिस ने की ‘शक्ति कैफे’ की शुरुआत; घरेलू हिंसा और अपराध पीड़ित महिलाओं को मिली आर्थिक आजादी
MP Prisoner Mental Health Care: भोपाल जेल से शुरू हुई मानसिक स्वास्थ्य पहल; कैदियों का होगा पुनर्वास, जानें कैसे काम करेगा सेंटर