मध्य प्रदेश के धार जिले में भ्रष्टाचार के खिलाफ लोकायुक्त पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। आदिम जाति सेवा सहकारी समिति नालछा के प्रबंधक शेरसिंह ठाकुर के ठिकानों पर बुधवार सुबह लोकायुक्त पुलिस इंदौर की तीन टीमों ने एक साथ छापेमारी की। शुरुआती जांच और मूल्यांकन में ही प्रबंधक के पास आय के ज्ञात और वैध स्रोतों की तुलना में बेहिसाब संपत्ति होने का चौंकाने वाला खुलासा हुआ है।
📊 आय से 271.46 प्रतिशत अधिक संपत्ति का मामला आया सामने; लोकायुक्त की जांच में सामने आए आंकड़े
जांच में सामने आए वित्तीय आंकड़े:
- कुल वेतन आय: लोकायुक्त से मिली जानकारी के अनुसार, प्रबंधक शेरसिंह ठाकुर को लगभग 20 वर्षों के सेवाकाल के दौरान कुल मिलाकर करीब 65 लाख रुपये का वेतन प्राप्त हुआ था।
- अर्जित संपत्ति व खर्च: इस अवधि में उनके द्वारा कुल 2 करोड़ 41 लाख 45 हजार रुपये मूल्य की चल-अचल संपत्ति अर्जित करने और व्यय किए जाने का ब्योरा सामने आया है।
- अनुपातहीन संपत्ति: यह संपत्ति उनकी कुल वैध आय की तुलना में 271.46 प्रतिशत अधिक पाई गई है, जो भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत गंभीर अपराध की श्रेणी में आता है।
🔍 सोडपुर, नालछा और मांडव में एक साथ कार्रवाई; दस्तावेजों और निवेश की गहनता से पड़ताल जारी
छापेमारी और आगे की कार्रवाई का विवरण:
- तीन स्थानों पर दबिश: लोकायुक्त पुलिस की टीमों ने प्रबंधक के सोडपुर, नालछा और प्रसिद्ध पर्यटन स्थल मांडव स्थित आवासों और ठिकानों पर एक साथ कार्रवाई की।
- दस्तावेजों की जब्ती: कार्रवाई के दौरान जमीन, मकान, बैंक खातों, आभूषणों और अन्य वित्तीय निवेश से संबंधित महत्वपूर्ण दस्तावेजों को कब्जे में लेकर उनकी जांच की जा रही है।
- जांच जारी: लोकायुक्त अधिकारियों का कहना है कि सर्चिंग और मूल्यांकन की प्रक्रिया जारी है, जिससे बेनामी संपत्तियों और अन्य अहम खुलासों की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।

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