मध्य प्रदेश के शहडोल जिले स्थित बिरसा मुंडा शासकीय मेडिकल कॉलेज में प्रशासनिक और व्यवस्थागत लापरवाही का एक गंभीर मामला सामने आया है। यहां कॉलेज की कैजुअल्टी के ठीक बाहर खुला हुआ नाली का चेंबर अस्पताल आने-जाने वाले मरीजों, उनके परिजनों और वाहन चालकों के लिए लगातार परेशानी और हादसों का मुख्य कारण बनता जा रहा है। अस्पताल प्रबंधन की उदासीनता के कारण इस खतरनाक स्थिति पर लंबे समय से कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है, जिससे कभी भी कोई बड़ा हादसा हो सकता है।
📉 आए दिन नाली में गिरकर चोटिल हो रहे लोग और वाहन; जिम्मेदारों की अनदेखी से बढ़ रहा रोष
स्थानीय समस्याएं और लापरवाही:
- नित्य प्रतिदिन के हादसे: स्थानीय लोगों और अस्पताल आने वाले तीमारदारों के अनुसार, इस खुले नाली चैंबर के कारण आए दिन लोग अनियंत्रित होकर गिरते हैं और मामूली से लेकर गंभीर रूप से घायल हो जाते हैं।
- वाहनों के पहिए फंसना: कार, बाइक और अन्य चार पहिया वाहनों के पहिए अक्सर इस खुले चैंबर में फंस जाते हैं, जिससे वाहन चालकों को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है।
- चेतावनी संकेत का अभाव: सबसे बड़ी विडंबना यह है कि अत्यधिक आवाजाही वाले इस संवेदनशील स्थान पर न तो नाली को ढंकने की कोई स्थायी व्यवस्था की गई है और ना ही किसी प्रकार का कोई चेतावनी संकेत (Warning Sign) लगाया गया है।
💥 ताजा घटना: खुले चैंबर में जा घुसी BJP सोहागपुर मंडल अध्यक्ष की गाड़ी, टायर फटा
हादसे का ताजा मामला:
- मंडल अध्यक्ष की गाड़ी दुर्घटनाग्रस्त: लापरवाही का यह मामला तब और उजागर हुआ जब ताजा घटनाक्रम में भारतीय जनता पार्टी (BJP) सोहागपुर मंडल अध्यक्ष की गाड़ी मेडिकल कॉलेज की कैजुअल्टी के बाहर इसी खुले नाली चेंबर में अचानक जा घुसी।
- गाड़ी का टायर फटा: वाहन का पहिया गहरे नाली चैंबर में अचानक जाने के कारण नई गाड़ी का टायर फट गया।
- ड्राइवर और परिजनों की परेशानी: इस अचानक हुए हादसे के कारण ड्राइवर और गाड़ी में सवार लोगों को भारी परेशानी व मानसिक तनाव का सामना करना पड़ा। गनीमत यह रही कि इस घटना में कोई बड़ा जनहानि या गंभीर चोट नहीं आई, लेकिन यह घटना प्रशासन के लिए एक बड़ी चेतावनी है।
🏥 मरीजों की सुरक्षा खतरे में; स्थानीय नागरिकों ने अस्पताल प्रबंधन से की तत्काल कार्रवाई की मांग
जनता की मांग और चेतावनी:
- स्वास्थ्य सेवाओं पर सवाल: एक तरफ जहां मेडिकल कॉलेज में इलाज के लिए दूर-दराज से गंभीर मरीज पहुंचते हैं, वहीं परिसर के भीतर इस तरह के खुले चैंबर अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोल रहे हैं।
- तत्काल सुधार की गुहार: पीड़ित नागरिकों और स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने जिला प्रशासन तथा मेडिकल कॉलेज प्रबंधन से मांग की है कि तुरंत प्रभाव से इस नाली चैंबर को पक्के ढक्कन से ढंका जाए ताकि भविष्य में किसी भी बड़े हादसे को टाला जा सके।

More Stories
Tiger Reserve Gaur Relocation Success: बांधवगढ़ में फिर लौटी ‘गौर’ की गर्जना: 1998 में हो गए थे विलुप्त, अब 240 पहुंचा कुनबा
Fish Farming Government Scheme News Details: आदिवासी बहुल जिले में मछली पालन से आएगी क्रांति, नवंबर से शुरू हुआ काम
Urdu Teachers Supreme Court Guidelines: उर्दू स्कूलों में गैर-उर्दू शिक्षकों की पदस्थापना पर सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइन का हवाला