मध्य प्रदेश के श्योपुर स्थित कूनो नेशनल पार्क से बाहर निकलकर राजस्थान पहुंचे एक चीते की गतिविधियों ने करौली जिले में बड़ा बवाल खड़ा कर दिया है। चीते द्वारा स्थानीय ग्रामीण के पाड़े (पालतू मवेशी) का शिकार किए जाने से आक्रोशित ग्रामीणों ने कूनो नेशनल पार्क की ट्रैकिंग टीम को घेरकर कथित तौर पर बंधक बना लिया और उनके साथ लाठी-डंडों से मारपीट की। इस घटना के बाद मध्य प्रदेश और राजस्थान के सीमावर्ती जंगलों में तैनात वन विभाग के कर्मचारियों की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
📱 सोशल मीडिया पर वीडियो आने के बाद खुली घटना की पोल; अजय दुबे ने केंद्रीय वन मंत्री के क्षेत्र पर उठाए सवाल
घटना का विवरण और वायरल वीडियो:
- लोकेशन ट्रैक कर रही थी टीम: चीते द्वारा पाड़े के शिकार की सूचना मिलने पर कूनो नेशनल पार्क की स्पेशल ट्रैकिंग टीम चीते की सटीक लोकेशन का पता लगाने और उसकी गतिविधियों पर नजर रखने के लिए करौली पहुंची थी।
- बंधक बनाकर मारपीट: टीम जब अपनी ड्यूटी कर रही थी, तभी दर्जनों स्थानीय ग्रामीणों ने उन्हें चारों तरफ से घेर लिया। ग्रामीणों ने वनकर्मियों के साथ अभद्रता करते हुए लाठी-डंडों से हमला कर दिया और कुछ समय तक उन्हें बंधक बनाकर रखा। इस पूरी घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर आते ही हड़कंप मच गया।
- अजय दुबे की मांग: प्रसिद्ध वाइल्डलाइफ एक्टिविस्ट अजय दुबे ने इस घटना को सोशल मीडिया पर साझा करते हुए दोषियों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग की है। उन्होंने कहा कि यदि वन्यजीवों की निगरानी में जुटी टीमों पर ही इस तरह हमले होंगे, तो जंगल से बाहर भटकने वाले चीतों का संरक्षण कैसे संभव हो पाएगा।
🚨 शिवपुरी में भी हो चुका है वनकर्मियों पर हमला; कूनो के चीतों की सुरक्षा को लेकर बढ़ती चिंताएं
सुरक्षा की पिछली घटनाएं:
- 2023 की शिवपुरी घटना: कूनो के चीतों की निगरानी में जुटी टीम पर हमले की यह पहली घटना नहीं है। इससे पहले वर्ष 2023 में शिवपुरी के बुराखेड़ा इलाके में चीता ‘आशा’ को ट्रैक कर रही टीम को ग्रामीणों ने डकैत समझकर उन पर हमला कर दिया था, जिसमें हवाई फायरिंग की बात भी सामने आई थी।
- शावक KNG-22 की मौत की टाइमिंग: यह ताजा घटना ऐसे समय में सामने आई है जब कूनो के 19 महीने के चीता शावक KNG-22 की गोली मारकर हत्या किए जाने के मामले की जांच चल रही है। 25 अक्टूबर को मुरैना टेरिटोरियल फॉरेस्ट क्षेत्र में शावक को गोली मारी गई थी, जिसकी इलाज के दौरान 27 अक्टूबर को मौत हो गई थी। इस मामले में छह वनकर्मियों को निलंबित और दो शिकारियों को गिरफ्तार किया जा चुका है।
🚔 पुलिस ने दर्ज की एफआईआर; भरतपुर वन अधिकारी ने पुष्टि कर दिए सख्त कार्रवाई के निर्देश
प्रशासनिक बयान और कानूनी कार्रवाई:
- भरतपुर डीएफओ का बयान: भरतपुर के वन अधिकारी पी. कथिरवल ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया, “यह घटना मंगलवार शाम की है। चीते द्वारा एक बछड़े को मारे जाने के बाद स्थानीय ग्रामीण उग्र हो गए थे और इसी आक्रोश में उन्होंने कूनो की ट्रैकिंग टीम के साथ हाथापाई की।”
- नामजद आरोपियों पर केस दर्ज: उन्होंने बताया कि करौली के स्थानीय अधिकारियों को तुरंत सूचित कर दिया गया है। मध्य प्रदेश की ट्रैकिंग टीम पर हमला करने वाले नामजद आरोपियों के खिलाफ संबंधित थाने में शिकायत दर्ज करा दी गई है और पुलिस पूरे मामले की कानूनी जांच कर रही है।

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