August 15, 2026

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गरुड़ पुराण: मृत्यु से 5 मिनट पहले क्या दिखता है? जानें आत्मा का रहस्य

मृत्यु इंसान के जीवन का अंतिम और सबसे बड़ा सत्य है. मृत्यु और इसके बाद आत्मा की यात्रा से जुड़े रहस्यों को जगत के पालनहार भगवान श्री हरि विष्णु ने पक्षीराज गरुड़ को बताया है. भगवान विष्णु और पक्षीराज गरुड़ के बीच हुए संवाद को ही गरुड़ पुराण के रूप में जाना जाता है. गरुड़ पुराण को 18 महापुराणों में शामिल किया गया है.

इसमें मृत्यु और आत्मा की यात्रा के साथ-साथ पाप-पुण्य कर्म और स्वर्ग, नरक के बारे में भी विस्तार से बताया गया है.गरुड़ पुराण में बताया गया है कि मृत्यु के अंतिम छड़ों में इसांन कैसा अनुभव करता है? क्या आप जानते हैं कि मृत्यु से ठीक पहले इंसान को दिव्य दृष्टि दी जाती है? आइए इस बारे में विस्तार से जानते हैं.

गरुड़ पुराण के अनुसार…

गरुड़ पुराण के अनुसार, जब किसी की मृत्यु होने वाली होती है और उसको मृत्यु के देवता यमराज बुलाते हैं, तब उसकी इंद्रियां ढीली पड़ने लगती हैं. मृत्यु से ठीक पांच मिनट पहले व्यक्ति का प्रवेश एक अजीब सी स्थिति में होता है, जिसे दिव्य दृष्टि का उदय कहा जाता है. दिव्य दृष्टि पाने के बाद व्यक्ति अपने पूरे जीवन की घटनाएं देखता है. उसने जो भी अच्छे-बुरे कर्म किए होते हैं, सब उसकी आंखों के सामने आते हैं.

उस व्यक्ति की आवाज थम जाती है. वो बोलना चाहता है, लेकिन चाहकर भी बोल नहीं पाता है. गरुड़ पुराण में बताया गया है कि इसी समय यमराज के दूत उसकी आत्मा को ले जाने आते हैं. जो आत्माएं पापी होती हैं, उनको यमदूतों का स्वरूप अत्यंत भयानक प्रतीत होता है. वहीं दूसरी ओरपुण्यात्मा को दिव्य प्रकाश और देवदूतों के दर्शन होते हैं.

यमलोक का सफर होता बहुत कठिन और लंबा

मृत्यु के बाद आत्मा को यमदूत पकड़कर यमलोक की ओर ले जाते हैं. यमलोक का सफर बहुत कठिन और लंबा होता है. यमलोक के रास्ते में रक्त और पाप से भरी हुई वैतरणी नदी पड़ती है. उसमें भयानक जीव तथा मगरमच्छ रहते हैं, जो पापी आत्माओं को कष्ट देते हैं. यमलोक के रास्ते में कई नगर और स्थान पड़ते हैं, जहां आत्मा अपने कर्मों के अनुसार दंड भोगती है.

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