ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, 12 अगस्त का दिन बेहद खास रहने वाला है. इस दिन साल 2026 का दूसरा और अंतिम सूर्य ग्रहण लगने जा रहा है. यह एक पूर्ण सूर्य ग्रहण होगा, जिसे लेकर दुनियाभर के वैज्ञानिकों और खगोल प्रेमियों में खासा उत्साह है. लेकिन भारतीय समय के अनुसार ग्रहण की टाइमिंग रात की है, ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या यह ग्रहण भारत में दिखाई देगा और इसका धार्मिक प्रभाव या सूतक काल देश में मान्य होगा या नहीं? आइए जानते हैं इस सूर्य ग्रहण से जुड़ी हर जरूरी जानकारी विस्तार से आसान भाषा में.
12 अगस्त की रात शुरू होगा सूर्य ग्रहण
भारतीय समय के अनुसार, 12 अगस्त 2026 को सूर्य ग्रहण रात करीब 9 बजकर 4 मिनट से शुरू होगा. इसके बाद रात लगभग 11 बजकर 16 मिनट के आसपास ग्रहण अपने चरम पर पहुंच जाएगा. जिसका समापन तिथि बदलने पर 13 अगस्त रात 1 बजकर 27 मिनट पर होगा. यानी जब भारत में यह खगोलीय घटना अपने अलग-अलग चरणों से गुजर रही होगी, उस समय देश के सबी हिस्सों में रात होगी.
भारत में सूर्य ग्रहण दिखाई देगा या नहीं?
भारत में इस सूर्य ग्रहण को लेकर सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या लोग इसे अपनी आंखों से देख पाएंगे? इसका जवाब है,नहीं. क्योंकि ग्रहण के समय भारत में रात होगी और सूर्य दिखाई नहीं देगा. यही वजह है कि भारत के किसी भी हिस्से से 12 अगस्त का यह सूर्य ग्रहण नहीं देखा जा सकेगा. खगोलीय दृष्टि से किसी ग्रहण का भारत में दिखाई देना तभी संभव होता है जब ग्रहण के दौरान सूर्य भारत के आसमान में क्षितिज के ऊपर मौजूद हो. इस बार ऐसा नहीं होगा. इसलिए भारत में रहने वाले लोगों को इस ग्रहण का प्रत्यक्ष नजारा देखने का मौका नहीं मिलेगा.
क्या भारत में ग्रहण का सूतक काल मान्य होगा?
मान्यता के अनुसार, किसी ग्रहण का सूतक उस स्थान के लिए माना जाता है जहां ग्रहण दिखाई देता है. चूंकि 12 अगस्त 2026 का यह सूर्य ग्रहण भारत में दिखाई नहीं देगा, इसलिए भारत में इसके सूतक काल को लेकर भी कोई भी मान्यता नहीं मानी जाएगी. इसका मतलब यह है कि भारत में मंदिरों के कपाट बंद करने, पूजा-पाठ रोकने या दूसरे धार्मिक नियमों को को रोजाना की तरह ही किया जा सकेगा.
कहां दिखाई देगा 12 अगस्त का पूर्ण सूर्य ग्रहण?
12 अगस्त का सूर्य ग्रहण खगोलीय दृष्टि से बेहद खास है. पूर्ण सूर्य ग्रहण का मुख्य मार्ग उत्तरी रूस से होते हुए ग्रीनलैंड, आइसलैंड और स्पेन तक जाएगा. इसके अलावा पुर्तगाल के एक छोटे से हिस्से में भी पूर्ण ग्रहण देखा जा सकेगा. ग्रीनलैंड और आइसलैंड में लोगों को पूर्ण सूर्य ग्रहण का शानदार नजारा देखने को मिलेगा. वहीं स्पेन के कुछ हिस्सों में भी चंद्रमा कुछ समय के लिए सूर्य को पूरी तरह ढक देगा.
साल का आखिरी सूर्य ग्रहण क्यों है खास?
12 अगस्त 2026 का सूर्य ग्रहण इसलिए भी खास है क्योंकि यह साल का दूसरा और आखिरी सूर्य ग्रहण है और यह पूर्ण सूर्य ग्रहण की श्रेणी में आता है. दुनिया के जिन हिस्सों से इसकी पूर्णता दिखाई देगी, वहां कुछ मिनटों के लिए दिन के समय आसमान का नजारा पूरी तरह बदल सकता है.

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