August 14, 2026

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CM Mohan Yadav Governance: नो मीटिंग डे के बाद सीएम मोहन सरकार का बड़ा कदम, जनता की समस्याओं के समाधान के लिए बनाई खास योजना

मध्य प्रदेश में मोहन यादव सरकार ने आम नागरिकों और जनता के बीच शासन के संवाद को और अधिक सुगम बनाने के लिए एक नया और प्रभावी कदम उठाया है। शुक्रवार को ‘नो मीटिंग डे’ के साथ सीधे जनता के बीच पहुंचने के फैसले के बाद, अब मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) और मुख्यमंत्री निवास में होने वाली बैठकों, मुलाकातों और जनसमस्याओं के निराकरण को लेकर एक नया रोस्टर प्लान तैयार किया गया है। इसके तहत अब मुख्यमंत्री की गैरमौजूदगी में भी जनता के जरूरी काम और फाइलें नहीं रुकेंगी, बल्कि इसके लिए अधिकारियों की दिन के हिसाब से विशेष ड्यूटी तय कर दी गई है और बेहतर कोऑर्डिनेशन के लिए पूरी जिम्मेदारी भी सौंप दी गई है।

📋 अधिकारियों के लिए मुख्यमंत्री ने जारी किया रोस्टर प्लान, जानिए किस दिन किसकी है जिम्मेदारी

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव लगातार यह प्रयास कर रहे हैं कि सरकार और आम जनता के बीच की दूरी कम हो और लोगों को अपने कामों के लिए दफ्तरों के चक्कर न काटने पड़ें। इस नई व्यवस्था के तहत मंत्रालय और समन्वय कार्यों के लिए अधिकारियों की दिनवार ड्यूटी तय की गई है, ताकि यदि कोई अधिकारी अनुपस्थित रहे तो ‘लिंक अधिकारी’ उस कार्य को तुरंत संपादित कर सके।

  • सोमवार: मंत्रालय में डॉ. सुदाम खाड़े व अरविंद दुबे; समन्वय के लिए कौशलेंद्र विक्रम सिंह व सुधीर कोचर।
  • मंगलवार: मंत्रालय में डॉ. सुदाम खाड़े व अरुण परमार; समन्वय के लिए डॉ. इलैया राजा टी. व आदित्य शर्मा।
  • बुधवार: मंत्रालय में कौशलेंद्र विक्रम सिंह व सुधीर कोचर; समन्वय के लिए डॉ. सुदाम खाड़े व अरविंद दुबे।
  • गुरुवार: मंत्रालय में डॉ. इलैया राजा टी. व आदित्य शर्मा; समन्वय के लिए डॉ. सुदाम खाड़े व अरविंद दुबे।
  • शुक्रवार: मंत्रालय में कौशलेंद्र विक्रम सिंह व अरुण परमार; समन्वय के लिए कुमार पुरुषोत्तम व अरुण परमार।
  • शनिवार व रविवार: समन्वय कार्यों के लिए डॉ. इलैया राजा टी., आदित्य शर्मा, कौशलेंद्र विक्रम सिंह और सुधीर कोचर की जिम्मेदारी तय की गई है।
🤝 ‘नो मीटिंग डे’ और जनविश्वास अभियान के साथ धरातल पर उतर रही प्रशासनिक व्यवस्था

सरकार के इस नए विजन के तहत पहले ही शुक्रवार को ‘नो मीटिंग डे’ घोषित किया जा चुका है, जिसके तहत सभी अधिकारी दफ्तरों में लंबी बैठकों में उलझने के बजाय सीधे मैदान में उतरकर जनता के बीच पहुंच रहे हैं और जन विश्वास अभियान के तहत उनकी समस्याओं का मौके पर ही निराकरण कर रहे हैं। इस दूसरे शुक्रवार से इस नए रोस्टर प्रणाली को भी पूरी तरह लागू कर दिया गया है, जिससे प्रदेशभर से अपनी समस्याएं लेकर राजधानी पहुंचने वाले आम नागरिकों को अब किसी भी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े और शासन की हर योजना का सीधा लाभ पारदर्शिता के साथ जनता तक पहुंचे।

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