September 11, 2026

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Churhat Hospital Incident: ऑक्सीजन थी पर मास्क नहीं, 40 मिनट की देरी और 108 एंबुलेंस की खराबी ने ली मासूम की जान

सीधी। चुरहट सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की बदहाल स्वास्थ्य व्यवस्थाओं पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। कैसोर पहाड़ क्षेत्र से इलाज के लिए लाए गए 6 वर्षीय आदिवासी बैगा बालक की रीवा ले जाते समय रास्ते में ही मौत हो गई। परिजनों का गंभीर आरोप है कि अस्पताल में ऑक्सीजन सिलेंडर तो उपलब्ध था, लेकिन उसे लगाने के लिए ऑक्सीजन मास्क उपलब्ध नहीं था। इसके बाद बुलाई गई 108 एंबुलेंस में भी पर्याप्त ऑक्सीजन की व्यवस्था नहीं मिली।

⏳ रेफर प्रक्रिया में 40 मिनट की बर्बादी, बिना मास्क सीधे दी गई ऑक्सीजन Supply

बालक की गुरुवार दोपहर अचानक तबीयत बिगड़ गई थी। बच्चे को सांस लेने में अत्यधिक तकलीफ होने पर उसकी मां उसे तुरंत चुरहट सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लेकर पहुंची। प्राथमिक उपचार के बाद बच्चे की गंभीर हालत को देखते हुए डॉक्टरों ने उसे संजय गांधी अस्पताल, रीवा रेफर कर दिया। पीड़ित परिजनों के अनुसार, रेफर की कागजी प्रक्रिया पूरी करने में ही 40 मिनट से अधिक का कीमती समय बर्बाद कर दिया गया। इस दौरान बच्चे को सांस देने के लिए अस्पताल में ऑक्सीजन मास्क खोजा जाता रहा, लेकिन मास्क नहीं मिल सका। आखिरकार बिना मास्क के ही मशीन से सीधे ऑक्सीजन सप्लाई देने का असफल प्रयास किया गया।

💔 रीवा पहुंचने से पहले ही रास्ते में तोड़ा दम, बिलखती मां बोली- ‘व्यवस्था होती तो बच जाता बेटा’

परिजनों ने आरोप लगाया कि “इसके बाद 108 एंबुलेंस को बुलाया गया, जिसे सीधी से चुरहट पहुंचने में ही करीब डेढ़ घंटे का समय लग गया। एंबुलेंस में भी ऑक्सीजन की समुचित व्यवस्था नहीं थी। अत्यंत गंभीर हालत में बच्चे को चुरहट से रीवा ले जाया जा रहा था, लेकिन शुक्रवार सुबह करीब 8 बजे रीवा पहुंचने से पहले ही रास्ते में उसने दम तोड़ दिया।” बिलखती पीड़ित मां का रो-रोकर बुरा हाल है, उसका कहना है कि “यदि 108 एंबुलेंस में ऑक्सीजन की सही व्यवस्था होती तो शायद उसका मासूम बेटा आज जिंदा होता।”

🩺 CMHO ने मानी लापरवाही, बोले- ‘एंबुलेंस काफी दिनों से थी खराब, वरिष्ठ कार्यालय में होगी शिकायत’

मामले में सीधी के सीएमएचओ (CMHO) डॉ. अशोक खरे ने अपनी लाचारी व्यक्त करते हुए स्वीकार किया कि, “108 एंबुलेंस काफी दिनों से खराब चल रही है। इस संबंध में वरिष्ठ अधिकारियों को कई बार पत्र लिखे जा चुके हैं, लेकिन अब तक कोई सुधार नहीं हुआ। अब इस घटना को लेकर वरिष्ठ कार्यालय में औपचारिक शिकायत दर्ज कराई जाएगी और लापरवाही बरतने वालों पर जिम्मेदारी तय कर कार्रवाई की जाएगी।”

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