September 11, 2026

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Kanha Elephant Camp: कान्हा नेशनल पार्क में शुरू होगा हाथियों का एनुअल हेल्थ कैंप, डाइट और वेलनेस पर रहेगा फोकस

मंडला। विश्व प्रसिद्ध कान्हा टाइगर रिजर्व में हाथियों के शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाने के उद्देश्य से 15 से 20 सितंबर तक सुपखार परिक्षेत्र में ‘रिजूविनेशन कैंप’ (कायाकल्प शिविर) आयोजित किया जाएगा। कान्हा नेशनल पार्क में वर्तमान में कुल 16 हाथी हैं, जिनमें 9 नर, 6 मादा और 1 नवजात बच्चा शामिल है। हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी हाथियों के लिए यह विशेष 6 दिवसीय कैंप लगाया जा रहा है।

🧼 सुबह नहलाकर होगी मालिश, दोपहर में परोसा जाएगा मनपसंद भोजन

पूरे वर्ष कान्हा नेशनल पार्क में हाथी अपनी महत्वपूर्ण सेवाएं देते हैं और पार्क की सुरक्षा का मुख्य जिम्मा इन्हीं के कंधों पर होता है। इस विश्राम कैंप के दौरान हाथियों को विशेष पौष्टिक आहार दिया जाएगा और वन्यजीव चिकित्सकों द्वारा उनका नियमित स्वास्थ्य परीक्षण किया जाएगा। हाथियों के शरीर व पैरों की तेल से मालिश करने के साथ ही उनके रक्त, मल और मूत्र के नमूने लेकर प्रयोगशाला भेजे जाएंगे। दैनिक दिनचर्या के तहत सुबह हाथियों को जंगल से लाकर नहलाया जाएगा और दोपहर में उन्हें गन्ना तथा उनके पसंद के ताजे फल खिलाए जाएंगे।

🩺 मानसिक स्वास्थ्य और आपसी बॉन्डिंग के लिए सभी हाथी एक साथ रहेंगे

कान्हा नेशनल पार्क के सहायक संचालक प्रकाश कुमार वर्मा ने बताया, “अपनी कड़ी जिम्मेदारियों के बीच इन हाथियों को विश्राम, बेहतर आहार और स्वास्थ्य देखभाल का अवसर देने के लिए यह विशेष कैंप आयोजित किया जा रहा है। इस दौरान सभी हाथियों को एक साथ रहने, भोजन करने और विभिन्न गतिविधियों में शामिल होने का मौका मिलेगा। ये गतिविधियां उनके शारीरिक स्वास्थ्य के साथ-साथ मानसिक तरोताजगी के लिए भी बेहद लाभकारी सिद्ध होती हैं।”

📊 प्रत्येक हाथी का बनेगा फिजिकल हेल्थ रिकॉर्ड, महावतों को भी मिलेगी ट्रेनिंग

कैंप के दौरान प्रत्येक हाथी की शारीरिक नाप लेकर निर्धारित प्रपत्र में दर्ज की जाएगी, ताकि उनकी सेहत और फिटनेस का नियमित रिकॉर्ड तैयार रखा जा सके। दोपहर में महावत और चाराकटरों के साथ हाथियों की परिचय तथा खेल गतिविधियां कराई जाएंगी, जिसके बाद शाम को भोजन कराकर उन्हें पुनः जंगल में छोड़ दिया जाएगा। इस दौरान सिर्फ हाथियों की सेहत ही नहीं, बल्कि उनकी देखरेख करने वाले महावतों और चाराकटरों के प्रशिक्षण पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा।

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