मध्य प्रदेश के सीहोर जिले के बुधनी वन क्षेत्र में अतिक्रमण हटाने के दौरान आदिवासियों के मकान तोड़े जाने के चर्चित मामले में आधिकारिक जांच रिपोर्ट शासन को सौंप दी गई है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और मुख्य सचिव अशोक बर्णवाल को सौंपी गई इस रिपोर्ट में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। रिपोर्ट के मुताबिक, दूसरे जिलों से आए कुछ लोगों ने वन भूमि पर लगे सागौन के 78,700 पौधे काटकर वहां अवैध रूप से झोपड़ियां और मकान बना लिए थे। इस कार्रवाई के विरोध में प्रभावित परिवार पिछले तीन दिनों से वन विकास निगम के डिपो के बाहर धरना-प्रदर्शन कर रहे हैं।
🤝 केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने किया था समर्थन: धरने में शामिल होकर अधिकारियों पर लगाए थे आरोप
इस पूरे प्रकरण तूल तब पकड़ा जब पिछले दिनों केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान और उनके बेटे कार्तिकेय सिंह चौहान भी बुधनी में चल रहे इस धरने में आदिवासियों के बीच जा पहुंचे। केंद्रीय मंत्री चौहान ने मौके से ही प्रशासन और अधिकारियों पर गंभीर आरोप लगाते हुए मुख्यमंत्री तथा मुख्य सचिव को फोन पर पूरी स्थिति से अवगत कराया था। इसी उच्चस्तरीय हस्तक्षेप के बाद मुख्यमंत्री मोहन यादव ने त्वरित प्रभाव से मामले की जांच के आदेश दिए थे, जिसकी रिपोर्ट अब शासन को प्राप्त हो गई है।

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