October 13, 2026

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Shahdol News: ब्यौहारी में हाथी की मौत के बाद अलर्ट पर वन विभाग, जानिए क्या होता है ‘मखना’ हाथी

मध्य प्रदेश में एक बार फिर वन्यजीव प्रेमियों को झकझोर देने वाली खबर सामने आई है। शहडोल जिले के पश्चिम ब्यौहारी इलाके में एक हाथी की दर्दनाक मौत हो गई, जिससे वन विभाग के अधिकारियों में हड़कंप मच गया है। घटना की सूचना मिलते ही वन विभाग की वरिष्ठ पुलिस और प्रशासनिक टीम मौके पर पहुँच गई और संबंधित क्षेत्र को पूरी तरह सुरक्षित कर लिया गया है। वन्यजीव चिकित्सकों द्वारा निर्धारित प्रोटोकॉल के तहत पोस्टमार्टम की प्रक्रिया शुरू की जा रही है और पूरे मामले की गहनता से जांच की जा रही है।

⚡ खेतों से गुजर रहे बिजली के तार की चपेट में आया हाथी: अंग सुरक्षित, वन अपराध केस दर्ज

शहडोल जिले की उत्तर वन मंडल डीएफओ तरुणा वर्मा ने बताया कि यह हादसा पश्चिम ब्यौहारी के चंदौली (वार्ड नंबर 7) के पास राजस्व क्षेत्र में हुआ। उन्होंने बताया कि मृत हाथी एक ‘मखना’ हाथी था, जो पिछले कुछ समय से बांधवगढ़ और शहडोल के बीच आवाजाही कर रहा था। शुरुआती जांच में मौत का मुख्य कारण बिजली के करंट की चपेट में आना पाया गया है। जहाँ यह दुर्घटना हुई, वहाँ कृषि खेत हैं और पास से गुजर रही बिजली की लाइन के संपर्क में आने से हाथी की जान चली गई। राहत की बात यह है कि हाथी के सभी अंग पूरी तरह सुरक्षित पाए गए हैं, और विभाग ने वन अपराध का मामला दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।

❓ जानिए क्या होता है ‘मखना’ हाथी और क्यों बाणसागर क्षेत्र में रहता है हाथियों का जमावड़ा

हाथियों की प्रजातियों में नर और मादा के अलावा ‘मखना’ (Makhna) हाथी भी पाए जाते हैं। मखना मुख्य रूप से वह नर एशियाई हाथी होता है, जिसमें आनुवंशिक (Genetic) कारणों से बाहर निकलने वाले बड़े दांत विकसित नहीं होते या बहुत छोटे अवशेष रूप में ही रह जाते हैं। उल्लेखनीय है कि बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व से लगे ब्यौहारी क्षेत्र के बाणसागर डैम के बैकवाटर वाले इलाके में घने बांस के जंगल और पानी की प्रचुरता के कारण अक्सर 24 से 25 हाथियों का दल डेरा जमाए रहता है। फसल के मौसम में हाथियों का यह झुंड अक्सर खेतों का रुख करता है, जिससे करंट और मानव-वन्यजीव संघर्ष का खतरा बढ़ जाता है।

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