October 13, 2026

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Asian Masters Swimming Championship: उज्जैन के अर्जुन सिंह सोलंकी ने बढ़ाया देश का मान, 27 देशों के तैराकों के बीच जीता कांस्य पदक

उज्जैन की पावन शिप्रा नदी के तटों पर कभी अपनी मां से तैराकी के शुरुआती गुर सीखने वाले अर्जुन सिंह सोलंकी ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत और मध्य प्रदेश का परचम लहराया है। बेंगलुरु में आयोजित ‘द्वितीय एशियाई मास्टर्स स्विमिंग चैंपियनशिप’ की 200 मीटर बैकस्ट्रोक (पीठ के बल तैरने की) स्पर्धा में अर्जुन ने शानदार प्रदर्शन करते हुए कांस्य पदक (Bronze Medal) हासिल किया है। सीमित संसाधनों, नौकरी की जिम्मेदारियों और लगातार कड़े अभ्यास के बल पर उन्होंने यह साबित कर दिया कि दृढ़ इच्छाशक्ति और मेहनत के आगे कोई भी लक्ष्य असंभव नहीं है।

🌏 27 देशों के दिग्गज तैराकों के बीच चमके अर्जुन: चीन, जापान और थाईलैंड के खिलाड़ियों को दी कड़ी टक्कर

4 से 10 अक्टूबर तक बेंगलुरु में आयोजित इस प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में 27 देशों के शीर्ष तैराकों ने भाग लिया। चीन, जापान, बांग्लादेश, श्रीलंका और थाईलैंड जैसे प्रमुख देशों के खिलाड़ियों के बीच अर्जुन सोलंकी ने अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया। इस स्पर्धा में पहला पदक श्रीलंका के नाम रहा, जबकि दूसरा और तीसरा पदक भारत के तैराकों ने अपने नाम किया। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मिली इस ऐतिहासिक उपलब्धि से धार्मिक नगरी उज्जैन और खेल जगत में खुशी की लहर दौड़ गई है।

🏅 मां से मिली तैराकी की प्रेरणा, नगर निगम कर्मचारी से इंटरनेशनल मेडलिस्ट बनने की संघर्षपूर्ण कहानी

अर्जुन के लिए तैराकी केवल एक खेल नहीं, बल्कि पारिवारिक विरासत और संस्कार है। उनकी मां ममता सोलंकी खुद राज्य स्तर की तैराक रही हैं, जिन्होंने अर्जुन को शिप्रा नदी के रामघाट पर पहला पाठ पढ़ाया था। साल 2009 से तैराकी शुरू करने वाले अर्जुन ने 2011 में अंडमान निकोबार में पहला नेशनल खेला और कई राज्य स्तरीय व राष्ट्रीय पदकों पर कब्जा जमाया। वर्तमान में उज्जैन नगर निगम में दैनिक वेतनभोगी कर्मचारी के रूप में कार्यरत अर्जुन वर्ष 2017 से खुद खिलाड़ी होने के साथ-साथ 20 से अधिक बच्चों को निःशुल्क कोचिंग भी दे रहे हैं, जो राष्ट्रीय स्तर पर पदक जीतकर शहर का नाम रोशन कर रहे हैं।

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