मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले में शासकीय कार्य में घोर लापरवाही और लंबे समय से गैरहाजिर चल रहे कर्मचारियों पर जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। जिला मुख्यालय से लगभग 50 किलोमीटर दूर जनपद पंचायत लवकुशनगर अंतर्गत ग्राम पंचायत बम्हौरी में पदस्थ पंचायत सचिव प्रियंका तिवारी को जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (CEO) नमः शिवाय अरजरिया ने सेवा से विधिवत बर्खास्त कर दिया है। उक्त सचिव बिना किसी पूर्व सूचना या स्वीकृति के वर्ष 2015 से लगातार अपने कार्यालय से नदारद थीं।
📜 2015 में हुआ था निलंबन, 2017 में भेजी गई थी बर्खास्तगी की अनुशंसा: लगातार दिए गए नोटिस
मामले की जानकारी देते हुए जिला पंचायत CEO नमः शिवाय अरजरिया ने बताया कि लापरवाही का यह सिलसिला वर्ष 2015 से शुरू हुआ था। शासकीय योजनाओं के क्रियान्वयन में रुचि न लेने और जनपद स्तरीय बैठकों से नदारद रहने पर जून 2015 में उन्हें निलंबित कर लवकुशनगर जनपद मुख्यालय से संबद्ध (अटैच) किया गया था। निलंबन अवधि में भी उपस्थिति न दर्ज कराने पर 2017 में बर्खास्तगी की अनुशंसा भेजी गई थी। वर्ष 2018 में बहाली के बाद ग्राम पंचायत बम्हौरी और बाद में जिला पंचायत छतरपुर में अटैच किए जाने के बावजूद वे कभी पदभार ग्रहण करने या कार्यालय में उपस्थिति दर्ज कराने नहीं पहुंचीं।
⚖️ कारण बताओ नोटिस का नहीं दिया जवाब: नियम अनुसार जारी किया गया सेवा से पृथक करने का आदेश
जिला पंचायत कार्यालय में अटैचमेंट के बाद भी अनुपस्थित रहने पर अक्टूबर 2019 में उन्हें कारण बताओ नोटिस जारी कर एक सप्ताह में स्पष्टीकरण मांगा गया था, लेकिन उन्होंने इसका भी कोई जवाब नहीं दिया। प्रशासनिक नोटिसों को लगातार नजरअंदाज करने और जून 2015 से 11 सालों तक अनवरत अनुपस्थित रहने के इस गंभीर मामले में जिला पंचायत CEO ने पंचायत नियमों के तहत कड़ा फैसला लेते हुए उन्हें सेवा से पूरी तरह बर्खास्त कर दिया है। आदेश जारी करते हुए प्रशासनिक स्तर पर यह स्पष्ट संदेश दिया गया है कि कार्य में लापरवाही और अनुशासनहीनता किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

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