उज्जैन: निजी स्कूलों में अध्ययनरत बच्चों की किताबों व यूनिफॉर्म के लिए स्कूलों को पालकों की किसी विशेष दुकानों से खरीदने की अनिवार्यता खत्म कर के सीएम ने आदेश जारी किए। मुख्यमंत्री द्वारा निजी स्कूलों के लिए जारी आदेश के बाद आज उज्जैन में कलेक्टर ने स्कूल संचालको प्राध्यापकों की बैठक लेकर सख्त हिदायत देते हुए नियमो की जानकारी दी।
काफी समय से निजी स्कूल संचालक और बुक स्टॉल मालिक मिलकर पालकों को कई गुना दाम में किताब काफी खरीदने पर मजबूर कर रहे है। अभिभावकों की परेशानी देखते हुए कलेक्टर नीरज सिंह ने गुरूवार को जिले के 156 निजी स्कूल संचालकों की शास्त्री नगर स्थित उत्कृष्ट विद्यालय में बैठक बुलवाई। यहाँ कलेक्टर ने सख्त लहजे में चेतावनी दी किसी भी स्कूल संचालक ने अभिभावकों पर चिन्हित दूकान पर से किताब खरीदने का दबाव बनाया तो सख्त कार्रवाई होगी।
प्रदेश में काफी समय से स्कूल संचालक और पब्लिशर्स की मिलीभगत से अभिभावकों को महंगे दाम पर किताब, कॉपी, यूनिफार्म खरीदने के लिए मजबूर किया जा रहा है। प्रदेश के मुख्यमंत्री डा मोहन यादव ने इस पर संज्ञान लेकर 1 अप्रैल को निजी स्कूलों की मनमानी पर रोक लगाने के लिए आदेश जारी कर दिए। नतीजतन कलेक्टर सिंह ने इसका पालन कराने के लिए धारा 144 के तहत प्रतिबंधात्मक आदेश जारी किए है। प्रशासनिक और शिक्षा अधिकारियों की टीम बनाकर चिंहित बुक स्टॉल और स्कूलों की जांच भी शुरू कर दी।
यही नहीं आज गुरुवार को जिले के 156 निजी विद्यालयों के संचालक, प्राचार्य की उत्कृष्ट विद्यालय में बैठक ली। यहां कलेक्टर ने सभी को सख्त चेतावनी दी कि किसी भी पालक या विधार्थी पर किताब कॉपी या यूनिफॉर्म चिंहित दुकान से खरीदने के लिए दबाव बनाया तो संबंधित स्कूल संचालक के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
कलेक्टर सिंह ने स्कूल संचालकों और बुक स्टॉल की मिलीभगत पर अंकुश लगाने के लिए 10 उड़न दस्ता टीम बनाई गई है,जो लगातार निरिक्षण करेगी।अभिभावकों को किसी दुकान से कॉपी, किताब, ड्रेस खरीदने के लिए बाध्य किए जाने पर कारवाई करेंगी। वहीं अभिभावकों को शिकायत करने के लिए 0734-2520711 नंबर भी जारी किया है।
स्कूल संचालकों के साथ बैठक में मंच से जिला शिक्षा अधिकारी ने भी सभी को नियमों का पालन करने का कहा साथ ही चेतावनी दी कि अगर हम को दिक्कत हुई तो आपको दिक्कत हो जाएगी।
बता दे कि बुधवार को एसडीएम एलएन गर्ग व शिक्षा विभाग की टीम ने एमपी पब्लिशर, पराग पब्लिशर और ज्ञान गंगा पर छापा मारा था। जॉच में स्कूलों से मिलीभगत सामने आने पर सभी को नोटिस दिए है।
बैठक में ये भी हिदायत –
अभिभावकों को पुस्तकें, कापियों, संपूर्ण यूनिफार्म आदि संबंधित किसी भी एक दुकान विक्रेता संस्था विशेष से क्रय किए जाने के लिए बाध्य नहीं किया जाए। स्कूल संचालक प्रत्येक कक्षा के लिये अनिवार्य पुस्तकों की सूची परीक्षा परिणाम के पूर्व अपने स्कूल की वेबसाईट पर अपलोड कर स्कूल में भी सार्वजनिक स्थान पर चस्पा करे। अभिभावकों को सूचीबद्ध पुस्तकें, परिणाम अथवा उसके पूर्व क्रय किये जाने हेतु बाध्य नहीं करेगें। अभिभावक पुस्तकों की उपलब्धता के आधार पर 15 जून 2024 तक क्रय कर सकेगें।
स्कूल संचालक सुनिश्चित करेगें कि उक्त के अतिरिक्त अन्य विषयों जैसे नैतिक शिक्षा, सामान्य ज्ञान,कम्प्यूटर आदि की प्रकाशकों/मुद्रकों द्वारा प्रकाशित पुस्तकें क्रय करने के लिए बाध्य नहीं किया जायेगा।

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