50 साल के शुजात बुखारी की गुरूवार देर शाम कुछ संदिग्ध हमलावरों ने गोली मार कर हत्या कर दी थी। इस हमले में शुजात बुखारी के साथ उनके 2 सुरक्षाकर्मियों भी मारे गए। सुबह से हो रही हल्की-फुल्की बारिश के बीच उत्तरी कश्मीर के किरी गाँव में शुजात बुखारी को दफ़नाया गया।
शुजात बुखारी की अंतिम क्रिया के दौरान जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला और मौजूदा मंत्री नईम अख़्तर और तसद्दुक हुसैन मुफ़्ती भी मौजूद थे। इस मौक़े पर मौजूद राइज़िंग कश्मीर अख़बार में शुजात बुखारी के सहकर्मी शेख सलीम ने कहा कि सभी को बराबर सम्मान देने वाला एक महान पत्रकार अब हमारे बीच नहीं है। शेख ने बताया कि न्यूज़ रूम में शुजात तक पहुंचना, उनसे अपनी कहानी पर चर्चा करना और उनकी राय लेना किसी के लिए भी मुश्किल नहीं था। वो सभी के लिए हमेशा उपलब्ध होते थे।
शेख मानते हैं कि यही वजह रही कि कश्मीर के बहुत से नौजवान अपने मीडिया करियर के शुरूआती दिनों में राइज़िंग अख़बार में काम करने आए। शुजात बुखारी की हत्या की अगली सुबह भी उनकी टीम ने उसी साहस से 8 पन्ने का अख़बार तैयार किया और उसे छापा।
शुजात बुखारी हुए सुपुर्द-ए-खाक, अंतिम यात्रा में उमड़ी भीड़

More Stories
जनसुनवाई में प्राप्त शिकायत पर की गई त्वरित कार्रवाई, अतिक्रमण हटाकर रास्ता किया गया सुगम
जल गंगा संवर्धन अभियान के अंतर्गत पक्षियों के पेयजल के लिए ग्राम सरवना में विभिन्न स्थानों पर मिट्टी के पात्र रखे गए
सरकार की खेत तालाब योजना किसान के लिए बनी वरदान, अधिक उत्पादन से हुआ फायदा