अफगानिस्तान टीम के लिए उसका ऐतिहासिक टेस्ट मैच बेहद बुरा अनुभव साबित हुआ। बेंगलुरू के चिन्नास्वामी स्टेडियम में खेले गए इस टेस्ट में वर्ल्ड की नंबर वन भारतीय टीम ने उसे दूसरे दिन ही एक पारी और 262 रन के बड़े अंतर से रौंदकर रख दिया। मैच के पहले दिन अफगानी गेंदबाजों ने भारत के 6 विकेट झटकते उसे जिस तरह के संघर्ष का जज्बा दिखाया था, वह उसकी बल्लेबाजी में नदारद रहा। दोनों ही पारियों में उसके बल्लेबाजों ने बुरी तरह निराश किया।
अफगानिस्तान टीम के लिए उसका ऐतिहासिक टेस्ट मैच बेहद बुरा अनुभव साबित हुआ। बेंगलुरू के चिन्नास्वामी स्टेडियम में खेले गए इस टेस्ट में वर्ल्ड की नंबर वन भारतीय टीम ने उसे दूसरे दिन ही एक पारी और 262 रन के बड़े अंतर से रौंदकर रख दिया। मैच के पहले दिन अफगानी गेंदबाजों ने भारत के 6 विकेट झटकते उसे जिस तरह के संघर्ष का जज्बा दिखाया था, वह उसकी बल्लेबाजी में नदारद रहा। दोनों ही पारियों में उसके बल्लेबाजों ने बुरी तरह निराश किया। शिखर धवन और मुरली विजय के शतक की बदौलत भारतीय टीम ने पहली पारी में 474 रन का विशाल स्कोर बनाया था। इसके जवाब में अफगानिस्तान की पहली पारी दूसरे सेशन में 109 रन बनाकर ढेर हो गई थी और टीम को फॉलोआन के लिए मजबूर होना पड़ा था। अफगानिस्तान की दूसरी पारी का हाल अलग नहीं रहा और पूरी टीम 38.4 ओवर में 103 रन बनाकर पेवेलियन में जा बैठी। दूसरी पारी में हशमतउल्ला शाहिदी ही कुछ संघर्ष करते नजर आए। भारत के लिए रवींद्र जडेजा ने सर्वाधिक 4 विकेट लिए। उमेश यादव ने 3 और ईशांत शर्मा ने 2 विकेट लिए।
इस टेस्ट के जरिये अफगानिस्तान टेस्ट क्रिकेट खेलने वाले 12वां देश बना है। पारी के अंतर के लिहाज के लिहाज से भारत की यह सबसे बड़ी जीत रही।
ऐतिहासिक टेस्ट साबित हुआ अफगानिस्तान और भारत का मैच

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