राजधानी दिल्ली में आध्यात्मिक विश्वविद्यालय के नाम पर आश्रम के भीतर लड़कियों के यौन शोषण का आरोपी बाबा वीरेंद्र देव दीक्षित आज कोर्ट में पेश नहीं हुआ। अदालत ने इस मामले की अगली सुनवाई 4 जनवरी को तय की है और इसके साथ ही पुलिस को वीरेंद्र देव के अन्य 8 आश्रमों की जांच के आदेश दिए हैं। वीरेंद्र देव दीक्षित को कोर्ट में पेश होना था लेकिन उसकी ओर से केवल वकील ही कोर्ट में पहुंचा। लड़कियों के रेप के आरोप को झुठलाते हुए कोर्ट में बाबा वीरेंद्र देव दीक्षित के वकील ने दलील दी कि आश्रम में रहने के लिए लड़कियों ने बाकायदा अदालती हलफनामा भर रखा है। वकील की इस दलील पर कोर्ट ने सख्त नाराज़गी दिखाई और कड़े लहजे में कहा कि क्या आप मज़ाक कर रहे हैं कि एक शख्स कोर्ट का हलफनामा बना कर लड़कियों को बंधक बना रहा है।
ये आश्रम नॉर्थ दिल्ली के रोहिणी इलाके में है। इलाके के लोगों का दावा है कि पिछले करीब 22 सालों में कई बार पुलिस से बाबा वीरेंद्र देव दीक्षित के आश्रम में गलत हरकतों की शिकायत की गई, लेकिन पुलिस ने कार्यवाही नहीं की। मीडिया में आवाज उठाने वाली एक महिला को भी धमकियां मिलती थीं। गुरुवार को सीबीआई टीम ने आश्रम में 9 घंटे तक कार्यवाही कर 41 लड़कियों को छुड़ाया। इनमें से ज्यादातर नाबालिग थीं। लड़कियों और उनके रिश्तेदारों ने बाबा के कारनामों का खुलासा किया है।
आरोपी बाबा वीरेंद्र देव नहीं हुआ पेश, कोर्ट ने कहा आश्रमों की करे पड़ताल

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