Ujjain : उज्जैन में कर्ज और सूदखोरों की प्रताड़ना से तंग आकर 3 दिन के अंदर 2 भाइयों ने क्षिप्रा नदी में कूदकर आत्महत्या (Suicide) कर ली। सोमवार को सुबह दवा व्यवसायी पीयूष चौहान ने नृसिंह घाट पर ब्रिज से उसी जगह से छलांग लगाई, जहां से 2 दिन पहले बड़ा भाई प्रवीण कूद गया था।
सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और दोपहर साढ़े 12 बजे पीयूष के शव को नदी से निकाला गया। इससे पहले शनिवार को पीयूष के बड़े भाई प्रवीण चौहान ने भी Suicide की थी। परिजन की मानें तो सुबह पीयूष घर से यह कहकर निकला था कि वह भाई प्रवीण को फूल चढ़ाने जा रहा है। बाद में सूचना मिली कि पीयूष भी नदी में कूद गया।
पीयूष की फेसबुक पोस्ट (Facebook Post) से ये साफ हो गया है कि वे कर्ज और सूदखोरी से परेशान थे। बड़े भाई प्रवीण चौहान का एक पेज का सुसाइड नोट (Suicide Note) भी सामने आया है, जिसे खुद पीयूष ने फेसबुक (Facebook) पर पोस्ट किया है। सुसाइड नोट (Suicide Note) में बड़े भाई ने लिखा है कि मैंने 15 लाख का एक प्लॉट लेकर गलती कर दी, इसकी वजह से भी लोग परेशान हो रहे हैं।
Social Media की पोस्ट बताती है वह कितना था परेशान
पीयूष ने बड़े भाई प्रवीण की मौत के बाद सोशल मीडिया (Social Media) पर लिखा था कि कलेक्टर साहब और एसपी साहब सूदखोरों से आज एक और जिंदगी खत्म हो गई। प्रवीण मुझ पागल पीयूष का भाई था। अब आप अपनी कानून व्यवस्था को संभाल लो, सूदखोरों और ब्लैकमेलरों को तो मैं संभालने आ ही रहा हूं।
पीयूष ने मौत से एक घंटे पहले सोशल मीडिया (Social Media) पर बेहद भावनात्मक पोस्ट लिखी। उन्होंने लिखा कि मेरे पापा को ये जरूर कह देना कि सोनू प्रवीण चौहान और पीयूष गए हैं व्यवस्था करने। दादी और मम्मी से बात करके बता देंगे, फिर आप आ जाना।
इसके बाद एक और पोस्ट उन्होंने किया कि जिसे पढ़कर साफ पता चलता है कि पीयूष 2 दिन पहले बड़े भाई प्रवीण चौहान की मौत से परेशान था। उसने लिखा कि भैया मैं उस राख में तुझे ढूंढ रहा था, पर तू मुझे मिला नहीं, मुझे कुछ समझ नहीं आ रहा है, अब क्या करना है। तू मेको बता दे यार, अब क्या करना है। मैं तुझसे पूछने आ रहा हूं।

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