पिछले कुछ दिनों से कूनो नेशनल पार्क से निकलकर ग्रामीण क्षेत्रों में पहुंचे चीते ओबान से लगातार ग्रामीण दहशत में थे। खेतों में चहलकदमी करते हुए चीते को ग्रामीणों के देखे जाने के बाद ग्रामीण काफी दहशत में थे। साथ ही कभी नदी किनारे तो कभी नाले के किनारे चीता दिखाई दे रहा था। कूनो नेशनल पार्क से निकलकर चीता ग्रामीण क्षेत्र में पहुंच गया था। जिसको लेकर पार्क प्रबंधन के साथ ही प्रशासन लगातार चीते की मॉनिटरिंग कर रहा था और उसे वापस लाने की प्रयास कर रहा था।
6 दिनों से कूनो नेशनल पार्क के निकले चीते ओबान का रेस्क्यू कर लिया गया। उसे शिवपुरी जिले के जंगल से पार्क की टीम ने रेस्क्यू किया और वापस कूनो लेकर आई। ग्रामीण इलाकों में बार-बार नजर आने के चलते ग्रामीणों में दहशत थी। कूनो नेशनल पार्क प्रबंधन के मुताबिक, सभी मादा और नर चीता पार्क में ही मौजूद हैं।
दरअसल, मध्यप्रदेश के श्योपुर में स्थित कूनो नेशनल पार्क के खुले जंगल मे छोड़े गए नामीबियाई 4 चीतों में से एक नर चीता ओबान एक अप्रैल को पार्क से निकलकर ग्रामीण इलाके में चला गया था। इसके चलते ग्रामीणों में दहशत का माहौल था और कूनो प्रबंधन और वन विभाग के लिए भी सिरदर्द बना हुआ था।
ओबान पार्क के क्षेत्र को छोड़कर शनिवार की रात से ही लगातार बाहरी इलाकों के वन क्षेत्रों और गांवों में नजर आ रहा था। इस दौरान उसने शिकार भी किया था। रविवार की सुबह कूनो पार्क से 15 किमी दूर झार बड़ौदा और गोलीपुरा गांवों से होते हुए खेतों में जा पहुंचा था, फिर दूसरे दिन सोमवार को पार्वती बड़ौदा गांव में क्वारी नदी के किनारे पर पानी पीते नजर आया था।
मंगलवार को वह कुछ देर के लिए पार्क की हद में लौटा, लेकिन फिर नहाड-सिलपुरा गांव के पास बफर जोन में जा पहुंचा था। यहां से होते हुए वह दो दिनों से शिवपुरी जिले की पोहरी तहसील के पिपरवास के जंगल में ट्रेस हो रहा था।
बुधवार सुबह चीते ने एक ब्लैक बक का शिकार कर अपनी भूख मिटाई थी। ओबान को आगरा वन रेंज सहित कूनो की दूसरी टीमें लगातार फॉलो कर रही थीं, लेकिन ओबान पांच दिन बाद भी पार्क में लौटने को तैयार नहीं था। ऐसे में वन विभाग की टीम ने गुरुवार देर शाम शिवपुरी जिले की पोहरी तहसील के रामपुरा गांव से सटे जंगल पहुंची।
यहां टीम को ओबान नजर आया और फिर कड़ी मशक्कत के बाद उसे ट्रेंकुलाइज किया गया। फिर बड़ी ही सावधानी के साथ उसे पिंजरे में बंद किया और फिर गाड़ी के जरिए पिंजरे में बंद ओबान को कूनो पार्क वापस पहुंचाया।
ओबान के रेस्क्यू के बाद ग्रामीणों से लेकर वन विभाग और कूनो प्रबंधन ने राहत की सांस ली। बीते 6 दिन से ओबान पर सभी की निगाहें टिकी हुई थीं। ग्रामीणों को डर था कि कहीं चीता उन पर हमला न कर दे। घायल न हो जाए।
हमारी टीम ने शिवपुरी जिले के पोहरी के जंगल से ओबान का रेस्क्यू कर उसे कूनो पार्क पहुंचा दिया। मादा चीता आशा और नर एल्टन, फ्रेडी कूनो नेशनल पार्क में ही मौजूद हैं। सभी सामान्य व्यवहार कर रहे हैं।

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