April 18, 2026

News Prawah

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केंद्रीय जेल करोड़ो रूपये गबन मामले में पूर्व जेल अधीक्षक के लॉकर से निकला 3 किलो सोना सहित चांदी व डायमंड ज्वैलरी, एफडी प्रॉपर्टी दस्तावेज, अब तक कि सबसे बड़ी रिकवरी

उज्जैन केंद्रीय जेल भैरवगढ़ में करोड़ों रुपए के गबन के आरोपी पूर्व जेल अधीक्षक उषा राज्य का बैंक लाकर खुलवाया गया। गुरुवार रात तक लॉकर की सर्चिंग चलती रही। बैंक लॉकर में करीब 3 किलो सोना, डायमंड ज्वैलरी एफडी, प्रॉपर्टी संबंधी कई दस्तावेज पुलिस को मिले। गबन के मामले में यह सबसे बड़ी रिकवरी बताई जा रही है।

जेल गबन कांड में पुलिस कंट्रोल रुम में प्रेस कांफ्रेंस कर एसपी उज्जैन ने मामले का खुलासा करते हुए बताया कि 2 करोड़ 25 लाख रुपए का 3 किलो 718 ग्राम सोना और 3 किलो 144 ग्राम चांदी जप्त की गई है इसके साथ ही भोपाल में 4 प्लॉट और एक प्लेट के दस्तावेज मिले हैं।

विदित हो कि केंद्रीय जेल भैरवगढ़ के 100 कर्मचारियों के पीएफ अकाउंट में जालसाजी की गई थी। जेल अकाउंटेंट द्वारा अपने दो जेल प्रहरी साथियों के साथ पिछले 5 साल से जेल कर्मचारियों के पीएफ अकाउंट से 15 करोड़ रुपये निकाल लिए गए। पीड़ितों ने पीएफ निकालने के लिए आवेदन किया नहीं दस्तखत किए नही फिर भी उनके पीएफ अकाउंट से रुपए निकाल लिए गए। ट्रेजरी के अफसर ने इस खबर को पकड़ा जिसके बाद इस मामले में चौंकाने वाले खुलासे हो रहे हैं।

जिला कोषालय अधिकारी द्वारा एक लिखित आवेदन थाने पर दिया गया जिसके बाद गबन मामले में एफ आई आर दर्ज की गई और विवेचना की गई प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए अनुसंधान दल गठित किया गया। जिसके द्वारा त्वरित कार्रवाई करती हुई विवेचना के दौरान कोषालय उज्जैन एवं भैरवगढ़ जेल से प्राप्त कूट रचित दस्तावेजों के आधार पर प्रकरण में साक्ष्य के आधार पर धाराएं बढ़ाई गई। वही विवेचना में आए तथ्यों के आधार पर जेल प्रहरी द्वारा कूट रचित दस्तावेज तैयार किए गए एवं जेल अधीक्षक द्वारा दी गई विवेक के साथ ही अन्य आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायालय पेश किया गया।

आरोपियों से पूछताछ में प्राप्त तथ्यों के अनुसार भैरवगढ़ जेल के 67 कर्मचारियों की डीपीएस, जीपीएफ, वेतन, एडवांस एमपीटीसी की अलग-अलग मदों से करीब 15 करोड़ की राशि ट्रेजरी उज्जैन से अवैध रूप से निकालकर प्राप्त की गई और अलग-अलग आरोपी द्वारा इसका उपयोग किया गया। पूरे प्रकरण में जेल अधीक्षक एवं अन्य दो आरोपी की भूमिका सबसे संदिग्ध मानी गई एवं प्रथम आरोपी द्वारा निकाला गया रुपया ऑनलाइन सटोरियों पर खर्च किया गया। जिसके कारण कई संदिग्ध लोग घर परिवार छोड़कर भाग गए हैं जिनकी तलाश की जा रही है। प्रकरण में अब तक कुल नगद, जेवर एवं चल,अचल संपत्ति करीब 3 करोड़ ₹ बरामद की जा चुके है एवं संदिग्धों से पूछताछ की जाकर प्रत्येक दोषी की धरपकड़ एवं तलाशी की जा रही है।

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