बड़वानी : अपनी विभिन्न मांगों को लेकर पिछले 11 दिनों से लगातार धरने पर बैठीं छात्राओं की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। धरना स्थल से टेंट और अन्य जरूरी सामान चोरी होने के बाद अब इन छात्राओं को खुले आसमान के नीचे बैठकर विरोध प्रदर्शन करना पड़ रहा है। इस बीच लंबे समय से चल रहे इस संघर्ष के कारण कई छात्राओं की सेहत बिगड़ने लगी है, जिससे मामला और अधिक गंभीर हो गया है। सुमेर सिंह सहित अन्य समर्थकों ने प्रशासन की कार्यप्रणाली पर कड़े सवाल उठाते हुए तत्काल हस्तक्षेप करने की मांग की है।
🩺 छात्रा पायल वास्कले अस्पताल में भर्ती: प्रशासन की बेरुखी से आंदोलनकारियों में बढ़ा भारी आक्रोश
प्राप्त जानकारी के अनुसार, आंदोलनरत छात्रा पायल वास्कले की तबीयत बिगड़ने पर उन्हें अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा है, जबकि पार्वती कन्नोजे पिछले तीन दिनों से अस्वस्थ होने के कारण घर पर ही हैं। वहीं, एक अन्य छात्रा राखी अवासे दवा लेने के तुरंत बाद वापस धरना स्थल पर आ डटी हैं। प्रदर्शनकारी छात्राओं का आरोप है कि 11 दिन बीत जाने के बाद भी जिम्मेदार अधिकारियों द्वारा उनकी सुधि नहीं ली जा रही है और न ही उनकी मांगों पर कोई ठोस सुनवाई हो रही है। छात्राओं ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही उनकी समस्याओं का समाधान नहीं किया गया, तो आंदोलन को और अधिक उग्र किया जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।

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