इंदौर। ट्रेन यात्रा के दौरान मिलने वाली खराब सुविधाओं और अव्यवस्थाओं को लेकर जिला उपभोक्ता आयोग ने पश्चिम रेलवे के रतलाम मंडल के खिलाफ बड़ा फैसला सुनाया है। यात्रियों द्वारा बार-बार शिकायत करने और उचित समाधान न मिलने पर आयोग ने रेलवे को सेवा में कमी का दोषी माना है। यात्रियों को मानसिक संताप और मुकदमे के खर्च के रूप में 10 हजार रुपये का हर्जाना देने का आदेश दिया गया है। रेलवे को यह राशि एक महीने के भीतर चुकानी होगी, अन्यथा छह प्रतिशत वार्षिक ब्याज भी देना होगा।
📝 क्या था पूरा मामला: शिकायत के बावजूद नहीं मिली राहत, यात्रियों को बीच में ही समाप्त करनी पड़ी यात्रा
परिवादी सुशीला पानोत और अन्य ने शिकायत दर्ज कराई थी कि उन्होंने 6 अगस्त 2023 को इंदौर से यशवंतपुर जंक्शन के लिए ट्रेन यात्रा शुरू की थी। इस दौरान कोच में भारी मात्रा में कॉकरोच, गंदे वॉशरूम और छत से पानी टपकने जैसी गंभीर समस्याओं का सामना करना पड़ा। रेल मदद ऐप और कर्मचारियों से शिकायत के बावजूद कोई तुरंत राहत नहीं मिली। लंबी जद्दोजहद के बाद मामूली कीटनाशक छिड़काव किया गया, जिससे स्थिति नहीं सुधरी और यात्रियों को अपनी यात्रा बीच में ही रोकनी पड़ी। आयोग ने रेलवे के तर्कों को खारिज करते हुए यात्रियों के पुख्ता सबूतों के आधार पर यह ऐतिहासिक फैसला सुनाया है।

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