October 17, 2026

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Sheopur Vijapur Incident: बाल-बाल बचा मकान मालिक का परिवार, स्थानीय प्रशासन से जर्जर भवनों को चिन्हित करने की मांग

श्योपुर। हाल ही में हुई बारिश ने पुराने और कमजोर मकानों की पोल खोलकर रख दी है। श्योपुर जिले के विजयपुर स्थित इमली चौराहे पर शनिवार की सुबह करीब 10 बजे एक पुराने जर्जर मकान की ऊपरी मंजिल अचानक भरभराकर नीचे आ गिरी। मकान का मलबा सीधे सड़क पर बिखर गया, जिसकी चपेट में आकर एक बाइक बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। गनीमत यह रही कि घटना के वक्त सड़क या आसपास कोई व्यक्ति मौजूद नहीं था, अन्यथा एक बड़ा हादसा हो सकता था। इस अचानक हुई दुर्घटना से पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई। सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन की टीम ने मौके पर पहुँचकर स्थिति का जायजा लिया।

⚠️ प्रशासन की कार्यप्रणाली पर उठे गंभीर सवाल: क्या किसी बड़े हादसे के बाद जागेगा प्रशासन?

बारिश के मौसम में जर्जर और पुराने भवनों के ढहने का खतरा लगातार बना रहता है, लेकिन इस घटना ने प्रशासनिक तैयारियों पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि क्या प्रशासन जर्जर मकानों को पहले से चिन्हित कर नोटिस नहीं दे सकता? इमली चौराहे पर हुई इस घटना के बाद शहरवासियों में भय का माहौल है और लोग मांग कर रहे हैं कि समय रहते ऐसे खतरनाक मकानों को गिराया जाए या उनकी मरम्मत कराई जाए, ताकि भविष्य में किसी की जान जोखिम में न पड़े।

👨‍👩‍👧‍👦 बाल-बाल बचा मकान मालिक का परिवार: निचले हिस्से में होने के कारण टली बड़ी अनहोनी

मकान मालिक नरेश उपाध्याय ने अपनी आपबीती साझा करते हुए बताया कि उनका पूरा परिवार इसी मकान में रहता है। नवरात्रि के दौरान साफ-सफाई और कार्यवश परिवार के सभी सदस्य निचले हिस्से में मौजूद थे, तभी शनिवार सुबह अचानक ऊपरी मंजिल ढह गई। उन्होंने राहत की सांस लेते हुए कहा कि यदि परिवार उस समय ऊपर होता या हादसे के वक्त कोई राहगीर वहाँ से गुजर रहा होता, तो परिणाम बहुत भयानक हो सकते थे। स्थानीय समाजसेवी ललित मोहन शर्मा ने भी प्रशासन से मांग की है कि इस घटना को सामान्य मानकर नजरअंदाज न किया जाए और शहर के सभी पुराने मकानों का सर्वे कराया जाए।

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