भोपाल। पितृपक्ष के पावन अवसर पर बिहार के प्रसिद्ध धार्मिक तीर्थ स्थल गया जाने वाले तीर्थयात्रियों और श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए भारतीय रेलवे ने एक विशेष सौगात दी है।
पश्चिम मध्य रेल भोपाल मंडल ने रानी कमलापति स्टेशन से गया के बीच पितृपक्ष स्पेशल ट्रेन (गाड़ी संख्या 01661/01662) चलाने का निर्णय लिया है। यह ट्रेन दोनों दिशाओं में 3-3 फेरे लगाएगी, जिससे मध्य प्रदेश और आसपास के यात्रियों को गया जाकर अपने पूर्वजों का पिंडदान और तर्पण करने में काफी सुगमता होगी।
🗓️ स्पेशल ट्रेन का समय और तिथियां: 27 सितंबर से शुरू होगा संचालन
गाड़ी संख्या 01661 (रानी कमलापति-गया) 27 सितंबर, 02 अक्टूबर और 07 अक्टूबर 2026 को रानी कमलापति स्टेशन से दोपहर 15:20 बजे प्रस्थान करेगी। यह ट्रेन अगले दिन दोपहर 14:30 बजे गया पहुंचेगी।
वापसी में गाड़ी संख्या 01662 (गया-रानी कमलापति) गया स्टेशन से 30 सितंबर, 05 अक्टूबर और 10 अक्टूबर 2026 को दोपहर 15:30 बजे रवाना होकर अगले दिन शाम 16:15 बजे रानी कमलापति पहुंचेगी।
📍 इटारसी, जबलपुर और प्रयागराज समेत इन प्रमुख स्टेशनों पर रुकेगी ट्रेन
यह स्पेशल ट्रेन अपनी यात्रा के दौरान दोनों दिशाओं में नर्मदापुरम, इटारसी, पिपरिया, नरसिंहपुर, जबलपुर, सिहोरा रोड, कटनी, मैहर, सतना, मानिकपुर, प्रयागराज छिवकी, मिर्जापुर, पंडित दीन दयाल उपाध्याय जंक्शन, भभुआ रोड, सासाराम, डेहरी-ऑन-सोन और अनुग्रह नारायण रोड स्टेशनों पर ठहराव लेगी।
🛏️ ट्रेन की कोच संरचना और बुकिंग: 24 कोचों के साथ चलेगी यह विशेष ट्रेन
यात्रियों की सुविधा के लिए इस स्पेशल ट्रेन में कुल 24 कोच लगाए जाएंगे। इनमें 04 सामान्य (General) श्रेणी, 12 शयनयान (Sleeper) श्रेणी, 04 वातानुकूलित तृतीय श्रेणी (3AC), 02 वातानुकूलित द्वितीय श्रेणी (2AC) और 02 एसएलआरडी (SLRD) कोच शामिल रहेंगे।
रेल प्रशासन ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे अपनी यात्रा की योजना समय रहते बनाएं और रेलवे आरक्षण केंद्रों या आईआरसीटीसी (IRCTC) की आधिकारिक वेबसाइट से अग्रिम बुकिंग कराएं।
🪔 पितृपक्ष का धार्मिक महत्व: गया में तर्पण और पिंडदान से मिलती है पूर्वजों को शांति
हिंदू धर्म में पितृपक्ष (श्राद्धपक्ष) की अवधि पूर्वजों को याद करने, उनके प्रति सम्मान व्यक्त करने और उनकी आत्मिक शांति के लिए अत्यंत पवित्र मानी जाती है। हिंदू पंचांग के अनुसार, इस साल पितृपक्ष की शुरुआत 26 सितंबर 2026 से हो रही है, जिसका समापन सर्वपितृ अमावस्या के दिन होगा।
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार गया में तर्पण और पिंडदान करने से पूर्वजों को मोक्ष की प्राप्ति होती है। इसी आस्था और यात्रियों की अतिरिक्त भीड़ को ध्यान में रखते हुए रेलवे ने यह विशेष व्यवस्था की है।

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