August 14, 2026

News Prawah

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MP Public Distribution System: गोदाम में रखरखाव की अनदेखी से खराब हुआ अनाज, 3000 बोरियां हुईं बर्बाद

मध्य प्रदेश के मंडला जिले से एक बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहाँ सरकारी गोदाम में रखे गेहूं के साथ प्रशासनिक लापरवाही का बड़ा उदाहरण देखने को मिला है। मंडला के खैरी स्थित सरकारी गोदाम में रखा लगभग 70 लाख रुपये मूल्य का गेहूं पूरी तरह से खराब होकर कीड़ों की भेंट चढ़ गया है। यह अनाज सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) के जरिए गरीब और जरूरतमंद परिवारों तक पहुँचाया जाना था, लेकिन उचित देखरेख और रखरखाव के अभाव में गोदाम में रखा यह बहुमूल्य अनाज धीरे-धीरे नष्ट होता चला गया। इस घटना ने सरकारी भंडारण व्यवस्था और उसकी निगरानी प्रणाली पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं।

🐛 कीट नियंत्रण की व्यवस्थाएं रहीं फेल, गोदाम प्रभारी को थमाया गया नोटिस

नियमों के मुताबिक गोदामों में अनाज के रखरखाव, कीट नियंत्रण (पेस्ट कंट्रोल), समय-समय पर निरीक्षण और स्टॉक की उचित निगरानी की व्यवस्था होनी चाहिए, लेकिन सवाल यह है कि इतनी बड़ी मात्रा में गेहूं के खराब होने तक जिम्मेदार अधिकारी क्या कर रहे थे। इस मामले पर जिला प्रबंधक स्टेट सिविल कारपोरेशन हेमंत वर्मा ने जानकारी देते हुए बताया कि करीब 20 दिन पहले जब उन्होंने गोदाम का निरीक्षण किया था, तब गेहूं की खराब स्थिति को देखते हुए गोदाम प्रभारी को तुरंत नोटिस थमाया गया था। गोदाम में रखे कुल तीन टेंगों (स्टैक) में लगभग 9000 बोरियां रखी हैं, जिनमें से करीब 3000 बोरियों का गेहूं खराब हुआ है, जबकि बाकी बोरियां सुरक्षित बताई जा रही हैं।

⚖️ नुकसान की भरपाई होगी गोदाम प्रभारी से, सफाई कर सुरक्षित किया जाएगा शेष अनाज

अधिकारियों के अनुसार, यह अनाज वर्ष 2025-26 के दौरान खरीदा गया था, जिसमें पिछले वर्ष 17 मीट्रिक टन का भंडारण किया गया था। देखरेख के अभाव में इनमें से कुछ अनाज डस्ट (पाउडर) फॉर्मेट में तब्दील हो चुका है। विभाग का कहना है कि सरकारी गेहूं के हुए इस आर्थिक नुकसान की भरपाई अब सीधे तौर पर संबंधित गोदाम प्रभारी से की जाएगी। साथ ही, जो अनाज साफ करने योग्य है, उसकी सफाई करवाकर उसे पुनः सुरक्षित करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। हालांकि, इस बड़ी लापरवाही के सामने आने के बाद जिम्मेदार महकमे में हड़कंप मचा हुआ है।

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