सागर। मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री एवं वरिष्ठ कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने रविवार को सागर में एक प्रेसवार्ता आयोजित कर जिले के पुलिस अधीक्षक (SP) अनुराग सुजानिया पर अत्यंत गंभीर आरोप लगाए हैं।
दिग्विजय सिंह ने सीधा हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि “एसपी अनुराग सुजानिया हर महीने 50 लाख रुपये की अवैध वसूली कर रहे हैं।” उन्होंने आगे कहा कि यदि उनके द्वारा लगाए गए ये आरोप गलत या अप्रमाणित हैं, तो एसपी उनके खिलाफ मानहानि (Defamation) का केस दर्ज करा सकते हैं। दिग्विजय ने दावा किया कि वे पुलिस अधीक्षक द्वारा की जा रही अवैध वसूली के सभी सबूतों को अदालत के समक्ष साबित करके दिखाएंगे।
🍷 शराब माफिया और पुलिस-प्रशासनिक गठजोड़ का पर्दाफाश: EOW से निष्पक्ष जांच की मांग
सागर में हाल ही में हुए दर्दनाक जहरीली शराब कांड के बाद स्थिति का जायजा लेने पहुंचे दिग्विजय सिंह ने शनिवार और रविवार को प्रभावित पीड़ित परिवारों तथा स्थानीय कांग्रेस कार्यकर्ताओं से मुलाकात की।
उन्होंने आरोप लगाया कि क्षेत्र में फल-फूल रहे अवैध शराब माफिया को सीधा राजनीतिक, प्रशासनिक और पुलिस संरक्षण हासिल है। इसी गठजोड़ को मौतों के लिए जिम्मेदार ठहराते हुए उन्होंने कहा कि “इससे पहले मुरैना जिले में जब जहरीली शराब से कई लोगों की जान गई थी, तब भी वहां के एसपी अनुराग सुजानिया ही थे। अब सागर में भी वैसी ही संदिग्ध स्थितियों में मौतें हुई हैं और यहां भी वही एसपी तैनात हैं।” दिग्विजय ने एसपी सुजानिया को तत्काल पद से हटाकर पूरे मामले की जांच आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ (EOW) से कराने की मांग उठाई। वहीं, इस पूरे प्रकरण पर एसपी सुजानिया ने कोई भी टिप्पणी करने से इनकार कर दिया है।
⚖️ राज्य सरकार की न्यायिक जांच प्रक्रिया पर उठाए सवाल: ‘व्यापमं की तरह की जा रही लीपापोती’
दिग्विजय सिंह ने प्रदेश सरकार द्वारा घोषित न्यायिक जांच की निष्पक्षता पर भी गहरे सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि “जिन प्रशासनिक अधिकारियों और जांच एजेंसियों को इस संवेदनशील मामले की जिम्मेदारी सौंपी जा रही है, उन पर जनता का कोई भरोसा नहीं बचा है।”
उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि जब भी किसी बड़े मामले में लीपापोती करनी होती है, सरकार तुरंत न्यायिक जांच बैठा देती है। व्यापमं घोटाले के समय भी इन्हीं अधिकारियों को जांच के लिए आगे किया गया था और अब शराब कांड में भी वही पैटर्न अपनाया जा रहा है। दिग्विजय ने आबकारी विभाग, शराब कारोबारियों और सत्ताधारी राजनीतिज्ञों के बीच कायम गहरे संबंधों की उच्चस्तरीय जांच की मांग की।
🤝 पीड़ित 4 परिवारों को लिया गोद: ₹10,000 प्रतिमाह सहायता और बच्चों की मुफ्त शिक्षा का किया ऐलान
पूर्व मुख्यमंत्री ने प्रदेश की भाजपा सरकार पर संवेदनहीनता का आरोप लगाते हुए कहा कि भीषण त्रासदी के बावजूद सरकार ने अब तक पीड़ित परिवारों को कोई आर्थिक मुआवजा नहीं दिया है और न ही यह स्पष्ट किया है कि मुआवजा कब और कितना दिया जाएगा।
मानवीय संवेदना व्यक्त करते हुए दिग्विजय सिंह ने मृतक भोला अहिरवार, राम स्वरूप अहिरवार, भोपाली आदिवासी और धन सिंह अहिरवार के शोकाकुल परिवारों को गोद लेने की घोषणा की। उन्होंने प्रतिबद्धता जताई कि वे इन चारों पीड़ित परिवारों को ₹10,000 प्रति माह की वित्तीय सहायता प्रदान करेंगे तथा उनके बच्चों की पढ़ाई-लिखाई का पूरा खर्चा स्वयं उठाएंगे।

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