मैहर। मैहर जिले में स्थित एशिया के सबसे बड़े पोड़ी शासकीय मत्स्य उत्पादन एवं विकास केंद्र में इस वर्ष काफी उत्साहजनक और सकारात्मक परिणाम सामने आ रहे हैं।
कलेक्टर विदिशा मुखर्जी के कुशल निर्देशन में जिले में नीली क्रांति और मछली पालन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से पोड़ी केंद्र पर गुणवत्तायुक्त मछली बीजों का निरंतर उत्पादन व वितरण किया जा रहा है। इसी प्रशासनिक प्रयास का असर है कि इस सीजन में अब तक 53 लाख 28 हजार से अधिक मछली बीजों (मिक्स फ्राई) की सफल बिक्री दर्ज की जा चुकी है।
🐠 उन्नत प्रजाति के बीजों की भारी मांग: कतला, रोहू और मृगल का उत्पादन कर किसानों को दी जा रही राहत
मैहर के पोड़ी केंद्र में मुख्य रूप से कतला, रोहू और मृगल जैसी व्यावसायिक रूप से लाभदायक प्रजातियों के मछली बीज तैयार कर मत्स्य पालकों को उपलब्ध कराए जा रहे हैं।
इन प्रजातियों की त्वरित वृद्धि और उच्च पैदावार के कारण स्थानीय एवं आसपास के जिलों के किसानों में इनकी जबरदस्त मांग है। आसपास के क्षेत्रों में इन प्रजातियों का मत्स्य पालन बड़े पैमाने पर किया जा रहा है, जिससे किसान अपनी आय में उल्लेखनीय वृद्धि कर रहे हैं।
🎯 वर्ष 2026-27 के लिए 2.50 करोड़ बिक्री का लक्ष्य: मार्च 2027 तक शत-प्रतिशत लक्ष्य पूरा करने की तैयारी
पोड़ी स्थित शासकीय केंद्र में वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए कुल 2.50 करोड़ मत्स्य बीज बिक्री का महत्वाकांक्षी लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
मत्स्य बीजों की बिक्री प्रक्रिया अगस्त 2026 के अंतिम सप्ताह से विधिवत शुरू कर दी गई थी। अब तक लगभग 53.28 लाख बीज बेचे जा चुके हैं। विभाग को पूर्ण विश्वास है कि निर्धारित लक्ष्य को मार्च 2027 तक शत-प्रतिशत हासिल कर लिया जाएगा। उल्लेखनीय है कि गत वर्ष 2025-26 में इस केंद्र को 2.25 करोड़ मत्स्य बीज बिक्री का लक्ष्य दिया गया था।
👨🌾 निर्धारित शासकीय दरों पर पारदर्शिता से वितरण: सहायक संचालक ने बताई प्रक्रिया
सहायक संचालक (मत्स्य) तरुण कांत पटेल एवं सहायक मत्स्य अधिकारी स्वरांजन सिंह बघेल ने बताया कि केंद्र में उत्पादित मिक्स फ्राई में कतला, रोहू और मृगल प्रजाति के स्वस्थ बीज शामिल हैं।
इन बीजों को शासन द्वारा निर्धारित रियायती दरों पर ही किसानों को उपलब्ध कराया जाता है। किसान इन बीजों को खरीदकर अपने निजी व पट्टे के तालाबों तथा पोखरों में संचित करते हैं। खरीदार द्वारा चालान के माध्यम से पारदर्शी रूप से राशि जमा की जाती है और बिक्री के समय अधिकृत ‘मत्स्य बीज अंतरण प्रमाण-पत्र’ जारी किया जाता है, जिसमें प्रजाति, संख्या और निर्धारित दर का पूरा ब्योरा अंकित होता है।
🚛 सागर, दमोह, रीवा और जबलपुर तक सप्लाई: पारदर्शी व्यवस्था से उत्साहित हैं प्रदेश भर के किसान
शासकीय मत्स्य उत्पादन केंद्र पोड़ी के गुणवत्तापूर्ण बीजों की मांग केवल मैहर तक सीमित न रहकर प्रदेश के विभिन्न जिलों में फैली हुई है।
वर्तमान में सागर, दमोह, पन्ना, रीवा, मऊगंज और जबलपुर जिलों से बड़ी संख्या में मत्स्य पालक और व्यापारी बीज खरीदने के लिए मैहर पहुंच रहे हैं। केंद्र में किसानों के लिए सुगम व्यवस्था और पारदर्शिता सुनिश्चित की गई है, जिससे मध्य प्रदेश के जल संसाधन क्षेत्र को नई गति मिल रही है।

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