श्योपुर। मध्य प्रदेश के कूनो नेशनल पार्क (Kuno National Park) से निकलकर खुले जंगलों में विचरण कर रहे चीतों की हलचल अब पड़ोसी राज्य राजस्थान तक पहुंच गई है।
ताजा मामला कूनो की मादा चीता ‘वीरा’ से जुड़ा है, जो रविवार को राजस्थान के किशनगंज क्षेत्र के जंगलों में जा पहुंची। वीरा के लगातार रिहायशी इलाकों के करीब दस्तक देने से स्थानीय लोगों में भारी दहशत और नाराजगी का माहौल है, क्योंकि वह पालतू मवेशियों को अपना शिकार बना रही है।
📍 1 सितंबर को कूनो से निकली थी ‘वीरा’: 60 किमी का सफर तय कर किशनगंज पहुंची
वन विभाग की ट्रैकिंग टीम के अनुसार, मादा चीता वीरा 1 सितंबर को कूनो नेशनल पार्क की सीमा लांघकर राजस्थान के खंडेला इलाके में दाखिल हुई थी।
इसके बाद वह रामपुर होते हुए लगभग 60 किलोमीटर का लंबा सफर तय करके राधापुरा क्षेत्र में पहुंची। कूनो नेशनल पार्क की विशेष टीम जीपीएस (GPS) कॉलर आईडी के जरिए वीरा की हर गतिविधि और मूवमेंट पर 24 घंटे नजर रखे हुए है। अब वह धीरे-धीरे मध्य प्रदेश की सीमा की ओर वापस लौटती हुई नजर आ रही है।
🐐 5 दिनों में किया 2 बकरों का शिकार: लगातार बदल रही है लोकेशन
मादा चीता वीरा अब तक राजस्थान के करीब 8 अलग-अलग इलाकों में चहल-कदमी कर चुकी है।
वन अमले ने पुष्टि की है कि बीते 5 दिनों के भीतर वीरा ने ग्रामीण इलाकों में दो बकरों का शिकार किया है। मवेशियों के शिकार की घटनाओं के बाद से ही राजस्थान के सीमावर्ती गांवों में आक्रोश पनप रहा है और लोग सुरक्षा को लेकर चिंतित हैं।
🗣️ आक्रोशित ग्रामीणों ने कूनो की ट्रैकिंग टीम को घेरा: सुरक्षा और सूचना न देने पर उठाए सवाल
सोमवार को सोशल मीडिया पर रविवार देर रात का एक वीडियो सामने आया है, जिसमें आक्रोशित ग्रामीणों ने चीता की ट्रैकिंग में जुटी वन विभाग की टीम को घेर लिया।
स्थानीय निवासियों का आरोप है कि जब चीता उनके इलाके में घूम रहा है और मवेशियों को शिकार बना रहा है, तो वन विभाग समय रहते ग्रामीणों को अलर्ट क्यों नहीं कर रहा है? ग्रामीणों का कहना है कि इससे उनके और उनके मवेशियों के जीवन पर गंभीर खतरा बना हुआ है।
🛡️ वन विभाग की अपील: क्षेत्र में अकेले न जाएं, मॉनिटरिंग टीम पूरी तरह मुस्तैद
ग्रामीणों के विरोध के बीच वन विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों ने स्थिति को स्पष्ट करते हुए कहा कि कूनो की स्पेशल ट्रैकिंग टीम लगातार चीता की लोकेशन को ट्रैक कर रही है।
प्रशासन द्वारा आसपास के ग्रामीणों को सतर्क रहने और जंगलों की तरफ अकेले न जाने की सख्त सलाह दी गई है। वन अमले ने ग्रामीणों से सहयोग की अपील करते हुए आश्वासन दिया है कि चीता को सुरक्षित रूप से कूनो के कोर क्षेत्र में वापस भेजने के प्रयास जारी हैं।

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