भोपाल। क्या पाँच महीने पहले राज्यसभा जाने का नरोत्तम मिश्रा का टूटा हुआ ख्वाब अब सच होने की उम्मीद बंधा रहा है? भारतीय जनता पार्टी के केंद्र में हुए एक ताजा राजनीतिक घटनाक्रम का असर अब मध्य प्रदेश की सियासत पर भी साफ तौर पर दिखाई देने लगा है। केंद्रीय मंत्री रहे एल मुरुगन के इस्तीफे के ठीक बाद नरोत्तम मिश्रा के दिल्ली दौरों ने राजनीतिक गलियारों में हलचल बढ़ा दी है। कयास लगाए जा रहे हैं कि पार्टी में कुछ समय से हाशिए पर चल रहे वरिष्ठ नेता नरोत्तम मिश्रा एक बार फिर मुख्यधारा में वापसी के लिए पूरी ताकत झोंक रहे हैं।
🤝 बीजेपी प्रदेश प्रभारी बिप्लव देव से मुलाकात: सोशल मीडिया पर वायरल हुई तस्वीर से सियासी चर्चाएं तेज
हाल ही में मध्य प्रदेश बीजेपी के प्रदेश प्रभारी नियुक्त किए गए बिप्लव देव से नरोत्तम मिश्रा ने उनके दिल्ली स्थित आवास पर मुलाकात की। हालांकि उन्होंने पार्टी के कई अन्य दिग्गज नेताओं से भी संपर्क साधा है, लेकिन इस मुलाकात की तस्वीर सोशल मीडिया पर आने के बाद चर्चाओं का बाजार पूरी तरह गर्म हो गया है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि आगामी विधानसभा चुनावों के मद्देनजर किसी भी बड़े नेता को लंबे समय तक राजनीति से दूर रखना पार्टी और नेता दोनों के भविष्य के लिए जोखिम भरा हो सकता है, जिसे समय रहते संभालने की कोशिश की जा रही है।
🗣️ राजनीतिक विश्लेषक और कांग्रेस की प्रतिक्रिया: बोले पत्रकार— “मेनस्ट्रीम में लौटना बेहद जरूरी, तो कांग्रेस ने ली चुटकी”
वरिष्ठ पत्रकार प्रकाश भटनागर का कहना है कि नरोत्तम मिश्रा की ये मुलाकातें सामान्य राजनीतिक प्रक्रिया का हिस्सा हैं, लेकिन उनके राजनीतिक कद को देखते हुए उनका मुख्यधारा में लौटना जरूरी है। वहीं दूसरी ओर, कांग्रेस प्रदेश प्रवक्ता संगीता शर्मा ने इस पूरे घटनाक्रम पर चुटकी लेते हुए कहा कि बीजेपी में बड़े-बड़े नेताओं को पहले साइडलाइन किया गया और अब वे अपनी राजनीतिक जमीन बचाने के लिए दिल्ली और भोपाल के चक्कर काटने को मजबूर हैं। बहरहाल, इस मुलाकात के क्या सियासी मायने निकलते हैं, यह आने वाला वक्त ही तय करेगा।

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