ग्वालियर। राज्य की अब तक की सबसे बड़ी साइबर ठगी के मामले में पुलिस के हाथ कई आरोपियों तक तो पहुंच गए हैं, लेकिन आर्थिक तौर पर पीड़ित को राहत के नाम पर सिर्फ निराशा ही हाथ लगी है। क्रिप्टो करेंसी (Crypto Currency) में निवेश का झांसा देकर ग्वालियर निवासी चार्टर्ड अकाउंटेंट (CA) अशोक विजयवर्गीय से 21.05 करोड़ रुपये हड़पने वाले आठ आरोपियों को पुलिस गिरफ्तार कर चुकी है, मगर अपराधियों से ठगी गई मूल रकम की रिकवरी अब भी शून्य बनी हुई है।
🚔 तीन राज्यों में साइबर पुलिस की दबिश: 8 शातिर ठग सलाखों के पीछे, पर नहीं जब्त हो सका एक भी रुपया
राज्य साइबर पुलिस की विशेष टीम ने मामले की गहराई से तहकीकात करते हुए मध्य प्रदेश सहित देश के तीन अलग-अलग राज्यों से कुल आठ आरोपियों को सलाखों के पीछे पहुंचाया है।
हालांकि, इस बड़ी कामयाबी के बावजूद गिरोह के मुख्य खातों या नेटवर्क से नकद अथवा अन्य माध्यमों से एक भी रुपये की जब्ती नहीं हो सकी है। पुलिस टीम ने आरोपियों को जेल तो भेज दिया है, लेकिन ठगी गई राशि का पता लगाने में मशक्कत करनी पड़ रही है।
🏦 सिर्फ फ्रीज कराए गए खातों से मिली आंशिक राहत: 4 करोड़ में से पीड़ित को वापस मिले केवल 25 लाख रुपये
जांच के शुरुआती दौर में राज्य साइबर पुलिस की त्वरित कार्रवाई से विभिन्न बैंक खातों में करीब 4 करोड़ रुपये फ्रीज (Freeze) कराए जा सके थे।
इसी फ्रीज कराई गई राशि में से जटिल कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद फरियादी के खाते में अब तक महज 25 लाख रुपये ही वापस लौट सके हैं। इसके अलावा पुलिस शातिर ठगों के पास से एक भी पैसा वसूलने में पूरी तरह नाकाम साबित हुई है।
🌐 क्रिप्टो वॉलेट्स और शेल कंपनियों का जटिल नेटवर्क: अंतरराष्ट्रीय साइबर अपराधियों के शिकंजे में रकम
करोड़ों रुपये की इस विशाल ठगी में क्रिप्टो करेंसी के अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क और फर्जी शेल कंपनियों का इस्तेमाल किया गया था।
साइबर एक्सपर्ट्स का मानना है कि शातिर अपराधी ठगी की रकम को तेजी से विभिन्न फर्जी शेल कंपनियों और विदेशी क्रिप्टो वॉलेट्स में ट्रांसफर कर देते हैं, जिससे भारतीय एजेंसियों के लिए रकम को ट्रैक और रिकवर करना बेहद चुनौतीपूर्ण हो जाता है। आरोपी तो जेल पहुंच गए हैं, लेकिन पीड़ित सीए की गाढ़ी कमाई का बड़ा हिस्सा अब भी साइबर अपराधियों के कब्जे में है।

More Stories
Madhya Pradesh Agriculture: सागर में उड़द और सोयाबीन की फसल सड़ने का खतरा; कलेक्टर ने दिए सर्वे के निर्देश
Gwalior News: गुवाहाटी छात्रा श्रुति उपाध्याय की मौत मामला; LNIPE छात्रों ने एडमिन ब्लॉक किया बंद, कुलगुरु ने लौटाई गाड़ी
MeitY Notification 2026: स्मार्टफोन स्क्रीन गार्ड पर सरकार की नई गाइडलाइंस, कंपनियों को मानना होगा IS 19348:2025 मानक