September 22, 2026

News Prawah

UDYAM-MP-49-0001253

Madhya Pradesh Agriculture: सागर में उड़द और सोयाबीन की फसल सड़ने का खतरा; कलेक्टर ने दिए सर्वे के निर्देश

सागर। मानसून की विदाई के समय अचानक हुई तेज बारिश ने किसानों के माथे पर चिंता की गहरी लकीरें उभार दी हैं। आलम यह है कि खरीफ सीजन की तमाम फसलें बर्बादी की कगार पर पहुंच गई हैं।

पिछले दो-तीन दिनों से सागर जिले में दोपहर बाद अचानक से तेज हवाओं के साथ मूसलाधार बारिश का सिलसिला शुरू हो जाता है। इसके चलते खेतों में खड़ी मक्का की फसल पूरी तरह जमीन पर बिछ गई है और उड़द की फसल पानी भरने से तबाह हो चुकी है। जिले के रहली, देवरी, केसली, जैसीनगर, राहतगढ़ और बीना में फसलों को बड़े पैमाने पर नुकसान पहुंचा है। किसान अब मक्का और सोयाबीन की फसल का तत्काल सर्वे कराकर मुआवजे की मांग कर रहे हैं।

🌤️ सुबह तीखी धूप और दोपहर में मूसलाधार बारिश: बुंदेलखंड में पैदावार की उम्मीदों पर फिरा पानी

सितंबर माह मानसून की विदाई का समय माना जाता है। इस बार बुंदेलखंड इलाके में जुलाई में नाममात्र की बारिश हुई थी, लेकिन अगस्त और सितंबर की शुरुआत में हुई धीमी बारिश से फसलें लहलहा उठी थीं।

किसानों को उम्मीद थी कि इस बार अच्छी पैदावार होगी, लेकिन पिछले तीन दिनों से मौसम के बदले मिजाज ने सब बिगाड़ दिया। सुबह से तीखी धूप खिली रहती है, लेकिन दोपहर होते-होते अचानक आंधी और तेज बारिश शुरू हो जाती है। बारिश के पानी से जहां मक्के की फसल गिर गई है, वहीं उड़द की जड़ों में पानी भरने से सड़न पैदा हो गई है। इसके साथ ही सोयाबीन में अफलन और दाने न पड़ने की शिकायतें आ रही हैं।

📢 किसानों का दर्द: कटी फसल में अंकुरण का खतरा, फसल बीमा की राशि मिलने पर भी संशय

जैसीनगर ब्लॉक के सेमराघोना निवासी किसान भूपेंद्र सिंह ठाकुर ने बताया, “खेतों में कटी पड़ी उड़द की फसल पर पानी पड़ने से फलियों में अंकुरण का खतरा बढ़ गया है। सोयाबीन की जड़ों में पानी भरने से पौधे सड़ रहे हैं। तेज हवा और बारिश से मक्का और सोयाबीन नीचे बिछ गए हैं। अब हमें केवल सरकारी मुआवजे और फसल बीमा से उम्मीद है, लेकिन 2019 के बाद से आज तक किसानों को नुकसान का बीमा क्लेम नहीं मिला है।”

वहीं केसली ब्लॉक के किसान दिनेश ने बताया कि तीन दिन की आंधी-बारिश ने मक्का, धान और उड़द को पूरी तरह तबाह कर दिया है। सेमरा, पटना और गौरझामर सहित कई गांवों से फसल बर्बादी की खबरें आ रही हैं, इसलिए जल्द सर्वे कराया जाना चाहिए।

🚜 कृषि विभाग और जिला प्रशासन का रुख: कलेक्टर ने दिए सर्वे के निर्देश, जल निकासी की सलाह

कृषि उप संचालक राजेश त्रिपाठी ने बताया कि अचानक आई आंधी और तेज बारिश से जिले के विभिन्न अंचलों से फसलों के नुकसान की सूचनाएं मिली हैं। मुख्य रूप से दलहनी फसलों—सोयाबीन और उड़द—को क्षति पहुंची है।

उन्होंने बताया, “किसान भाइयों को सलाह दी गई है कि जहां संभव हो, खेतों से पानी निकासी का प्रबंध करें। कलेक्टर ने सभी एसडीएम को प्रभावित क्षेत्रों में फसल नुकसान का तत्काल सर्वे कराने के निर्देश दिए हैं। इसके अतिरिक्त फसल बीमा कंपनियों को भी तहसील स्तर पर पंचनामा तैयार करने को कहा गया है। बीना-खुरई क्षेत्र में सोयाबीन और रहली-देवरी में उड़द व मक्का के नुकसान की खबरें हैं। यदि धूप खिलती है तो मक्का की फसल को रिकवर किया जा सकता है।”

Share to...