September 22, 2026

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Gwalior News: गुवाहाटी छात्रा श्रुति उपाध्याय की मौत मामला; LNIPE छात्रों ने एडमिन ब्लॉक किया बंद, कुलगुरु ने लौटाई गाड़ी

ग्वालियर। ग्वालियर स्थित लक्ष्मीबाई राष्ट्रीय शारीरिक शिक्षा संस्थान (LNIPE) में बीते 8 सितंबर से जारी छात्रों का आंदोलन अब और गंभीर रूप ले चुका है। गुवाहाटी एलएनआईपीई कैंपस में हुई छात्रा श्रुति उपाध्याय की संदेहास्पद मौत के बाद से ही संस्थान के मुख्य गेट पर छात्रों का विरोध-प्रदर्शन जारी है। लगातार 13 दिनों तक शांतिपूर्ण प्रदर्शन के बाद भी कोई ठोस कार्रवाई न होने पर, 14वें दिन मंगलवार को आंदोलनकारी छात्रों में से चार छात्र अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठ गए हैं। इसके साथ ही उग्र छात्रों के एक दल ने संस्थान के प्रशासनिक भवन (एडमिनिस्ट्रेटिव ब्लॉक) को भी बंद करवा दिया।

🕯️ गुवाहाटी कैंपस में छात्रा की मौत के बाद उपजा असंतोष: 13 दिनों से चल रहा था शांतिपूर्ण प्रदर्शन

दरअसल, गुवाहाटी कैंपस में छात्रा श्रुति उपाध्याय की मौत के बाद से ही लक्ष्मीबाई राष्ट्रीय शारीरिक शिक्षा संस्थान के छात्र प्रबंधन की कथित लापरवाही के खिलाफ आक्रोशित हैं।

यूनिवर्सिटी कैंपस में पिछले 13 दिनों से छात्रों का शांतिपूर्ण प्रदर्शन चल रहा था। हालांकि, संस्थान प्रबंधन की ओर से कोई सकारात्मक प्रतिक्रिया न मिलने और मुख्य मांगों पर ध्यान न दिए जाने के कारण छात्रों ने अब भूख हड़ताल का रुख अख्तियार कर लिया है। चार छात्र धरना स्थल पर ही अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठ गए हैं।

🍽️ पीएचडी छात्र बोले— ‘प्रबंधन की अनदेखी के बाद शुरू की हंगर स्ट्राइक’, अन्य छात्र भी होंगे शामिल

यूनिवर्सिटी से पीएचडी कर रहे छात्र शैलेंद्र सिंह ने बताया, “यूनिवर्सिटी प्रबंधन लगातार इस संवेदनशील आंदोलन की अनदेखी कर रहा है। हमारी वाजिब मांगें नहीं मानी जा रही हैं, इसलिए अब मजबूरन चार छात्रों ने अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू की है। यदि प्रबंधन का यही रवैया रहा, तो आगे अन्य छात्र भी इस भूख हड़ताल में शामिल होंगे।”

🚗 छात्रों के विरोध को देख रास्ते से ही लौटीं कुलगुरु की गाड़ी: प्रशासनिक भवन के रास्ते किए गए ब्लॉक

मंगलवार को आंदोलनरत छात्रों का एक गुट यूनिवर्सिटी प्रबंधन के एडमिनिस्ट्रेटिव ब्लॉक को ताला लगाने पहुंचा।

छात्र जैसे ही नारेबाजी करते हुए प्रशासनिक भवन की ओर बढ़ रहे थे, उसी समय वहां से कुलगुरु की गाड़ी गुजरी। छात्रों ने उनके वाहन के सामने बैठकर घेराव करने का प्रयास किया, लेकिन सामने भारी भीड़ देखते ही कुलगुरु के चालक ने गाड़ी तुरंत बैक की और वहां से रवाना हो गया। इसके बाद आक्रोशित छात्रों ने प्रशासनिक भवन में प्रवेश कर सभी मुख्य रास्ते पूरी तरह ब्लॉक कर दिए।

🏢 ‘अफसर एसी में आराम फरमा रहे हैं’: आक्रोशित छात्रों ने दफ्तरों का कामकाज कराया ठप

छात्र शैलेंद्र सिंह ने आरोप लगाते हुए कहा कि धरने पर बैठे छात्रों को लगातार सूचना मिल रही थी कि अधिकारी यह मानकर बैठे हैं कि छात्र जब तक चाहें बाहर बैठे रहें, अंदर एसी कमरों में काम चलता रहेगा।

इसी बात को लेकर छात्रों में भारी आक्रोश व्याप्त हो गया कि जब छात्र गर्मी और बारिश के बीच खुले आसमान के नीचे आंदोलन कर रहे हैं, तो जिम्मेदार अधिकारी आराम से अपने कार्यालयों में कैसे बैठ सकते हैं। छात्रों का कहना था कि जब पूरी यूनिवर्सिटी के छात्र धरने पर हैं, तो फिर दफ्तर किसके लिए खोले गए हैं।

📚 ‘पढ़ाई का नुकसान हो रहा, लेकिन न्याय मिलने तक जारी रहेगा आंदोलन’: भूख हड़ताल पर बैठी छात्रा का बयान

भूख हड़ताल पर बैठी छात्रा रितिका का कहना है कि उनकी छह सूत्रीय मांगों को संस्थान प्रबंधन लगातार नजरअंदाज कर रहा है, जो कि अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है।

उन्होंने कहा, “हम अपनी साथी को न्याय दिलाने के लिए प्रदर्शन कर रहे हैं। इस आंदोलन के कारण हमारी नियमित पढ़ाई का भी भारी नुकसान हो रहा है, लेकिन संस्थान का रवैया असंवेदनशील बना हुआ है। जब तक हमारी सभी मांगें पूरी नहीं की जातीं, यह आंदोलन समाप्त होने वाला नहीं है।”

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