शिवपुरी। मध्य प्रदेश के शिवपुरी जिले के कोलारस थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम चंदौरिया से खाद में मिलावट का एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। यहाँ एक किसान ने डीएपी (DAP) खाद के कट्टे से महुअर नदी की रेत निकलने का गंभीर आरोप लगाया है, जिससे स्थानीय किसानों की चिंताएं काफी बढ़ गई हैं। पीड़ित किसान शांति लाल जाटव ने इस संबंध में कोलारस के एसडीएम शिवदयाल धाकड़ को लिखित शिकायत सौंपी है, जिसके बाद प्रशासन हरकत में आ गया है और खाद के सैंपल लेकर जांच के लिए भेजे गए हैं।
🧪 40 किलो के कट्टे में मिली 15 किलो रेत: अधिकारियों का अजब बयान सुनकर भड़के अन्नदाता
शिकायतकर्ता किसान शांति लाल जाटव ने बताया कि उसने मानीपुरा स्थित एक स्थानीय दुकान से डीएपी खाद का कट्टा खरीदा था। जब वह खेत में छिड़काव के लिए खाद को पानी में घोल रहा था, तब असलियत सामने आई। 40 किलोग्राम के उस कट्टे में से करीब 15 किलो महुअर नदी की रेत निकली। जब किसान ने इसकी शिकायत कृषि विभाग के अधिकारियों से की, तो उनका जवाब बेहद चौंकाने वाला था। अधिकारियों ने कथित तौर पर सफाई दी कि निर्माण प्रक्रिया में 20 प्रतिशत तक रेत या अन्य तत्व मिलाए जाते हैं, जो कि सामान्य बात है। इस अजीब जवाब से किसानों में भारी गुस्सा है।
🔍 एसडीएम के निर्देश पर खाद दुकान से की गई जाँच: लैब रिपोर्ट आने के बाद होगी कड़ी कार्रवाई
किसानों का कहना है कि कभी नकली बीज तो कभी मिलावटी खाद थमाई जा रही है, जबकि वे महंगे दामों पर खाद खरीदने को मजबूर हैं। बढ़ते आक्रोश को देखते हुए एसडीएम शिवदयाल धाकड़ ने कृषि विभाग के एसएडीओ को तुरंत मौके पर भेजा और संबंधित दुकान से डीएपी खाद का सैंपल जब्त करवाया। एसडीएम ने स्पष्ट किया है कि लैब से जांच रिपोर्ट आने के बाद यदि किसी भी प्रकार की मिलावट या गड़बड़ी पाई जाती है, तो संबंधित विक्रेता और निर्माता के खिलाफ सख्त से सख्त वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।

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