मध्य प्रदेश के जबलपुर जिले के सिहोरा क्षेत्र में बिना किसी वैध डिग्री के अवैध तरीके से क्लीनिक चलाए जाने का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। शहर से दूरदराज के इलाकों में झोलाछाप डॉक्टरों द्वारा मरीजों की जान से खिलवाड़ किए जाने की लगातार शिकायतों के बाद, स्वास्थ्य विभाग और प्रशासनिक टीम ने बड़ी कार्रवाई की है। जबलपुर से लगभग 60 किलोमीटर दूर सिहोरा के पास खितोला क्षेत्र में प्रीति केवट नामक महिला द्वारा अवैध रूप से क्लीनिक संचालित किया जा रहा था, जहां स्वास्थ्य विभाग और तहसीलदार की संयुक्त टीम ने औचक छापा मारा।
📋 बीएमओ और तहसीलदार की संयुक्त कार्रवाई, डिप्लोमा से जुड़े दस्तावेज दिखाने में नाकाम रही आरोपी महिला
सिहोरा ब्लॉक मेडिकल ऑफिसर (बीएमओ) डॉ. अर्शिया खान और तहसीलदार अमित गुप्ता को खितोला की साई मंगलम कॉलोनी में स्थित इस मकान में अवैध गतिविधियों की लगातार शिकायतें मिल रही थीं। टीम ने जब मौके पर पहुंचकर पूछताछ की, तो प्रीति केवट अपने पास मौजूद अल्टरनेटिव मेडिसिन के डिप्लोमा से जुड़े कोई भी वैध दस्तावेज या मार्कशीट नहीं दिखा पाई। जांच के दौरान क्लीनिक से बच्चों के इलाज के उपकरण, महिलाओं से जुड़े सर्जिकल आइटम्स और भारी मात्रा में अबॉर्शन से जुड़ी किट व दवाइयां बरामद की गईं। प्रशासन अब आरोपी महिला के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने की तैयारी कर रहा है और विस्तृत रिपोर्ट मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) को सौंपी जाएगी।

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