पन्ना। केन-बेतवा लिंक परियोजना के तहत विस्थापित हुए पन्ना जिले के एक आदिवासी से विस्थापन राशि और शासकीय दस्तावेज बनवाने के एवज में रिश्वत लेते हुए पटवारी को सागर लोकायुक्त पुलिस ने गिरफ्तार किया है। लोकायुक्त टीम ने जिला चिकित्सालय पन्ना के सामने पटवारी को योजनाबद्ध तरीके से ट्रैप किया और 47 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए मौके पर दबोच लिया। आरोपी पटवारी को गिरफ्तार कर पन्ना कोतवाली लाया गया, जहां उसके खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।
📞 आदिवासी ने लोकायुक्त से की थी शिकायत, 80 हजार रुपये की मांगी गई थी घूस
पीड़ित विस्थापित दयाराम आदिवासी ने बताया कि उसके परिवार की विस्थापन की अतिरिक्त राशि जारी कराने के एवज में संबंधित पटवारी द्वारा ₹80,000 की मांग की जा रही थी। पीड़ित 18 अगस्त 2026 को पहली किस्त के रूप में ₹30,000 पटवारी को दे चुका था, लेकिन इसके बावजूद भी शेष राशि के लिए उस पर लगातार दबाव बनाया जा रहा था। बार-बार परेशान किए जाने पर विस्थापित दयाराम आदिवासी ने 5 दिन पूर्व लोकायुक्त पुलिस अधीक्षक सागर को लिखित शिकायत सौंपी थी।
🧪 लोकायुक्त की गुप्त तफ्तीश और केमिकल युक्त नोटों का बिछाया गया जाल
शिकायत प्राप्त होने के बाद लोकायुक्त सागर की टीम द्वारा पूरे मामले की गोपनीय तरीके से जांच की गई। प्राथमिक जांच में शिकायत पूरी तरह सही पाए जाने पर पुलिस ने योजना बनाई। लोकायुक्त टीम ने ₹47,000 के नोटों पर विशेष केमिकल लगाया और आवेदक दयाराम को पटवारी को देने के लिए निर्देशित किया।
पटवारी संतोष चिकवा जिला अस्पताल के सामने आवेदक से पैसे लेने पहुंचा, जहां लोकायुक्त की टीम पहले से ही सादे कपड़ों में मुस्तैद थी। जैसे ही पटवारी ने हाथ में 47 हजार रुपये लिए, लोकायुक्त पुलिस ने उसे तुरंत चारों तरफ से घेरकर दबोच लिया।
📜 विस्थापन मुआवजा और मृत्यु प्रमाण पत्र प्रतिवेदन के नाम पर वसूल रहा था पैसे
पीड़ित दयाराम आदिवासी ने बताया कि वह केन-बेतवा लिंक परियोजना के विस्थापित गांव गहदरा का मूल निवासी है और वर्तमान में खजूरी कुडार में रह रहा है। परियोजना के तहत उसके परिवार के 4 सदस्यों (पानबाई, पूजा बाई, रज्जी बाई और रामगोपाल) के खातों में 63-63 हजार रुपये की अतिरिक्त विस्थापन राशि आनी थी।
इसके अलावा उसकी दिवंगत दादी रतिया बाई के मृत्यु प्रमाण पत्र के लिए भी पटवारी से प्रतिवेदन (रिपोर्ट) लगवाना था। इन दोनों जायज कामों को करने के बदले में ही पटवारी रिश्वत की मांग कर रहा था।
👮♂️ “47 हजार की रिश्वत लेते पटवारी संतोष चिकवा गिरफ्तार”: कमल उईके, डीएसपी लोकायुक्त सागर
मामले की जानकारी देते हुए सागर लोकायुक्त के डीएसपी कमल उईके ने बताया, “आवेदक दयाराम आदिवासी द्वारा लोकायुक्त सागर को पटवारी द्वारा रिश्वत मांगे जाने की शिकायत की गई थी। लोकायुक्त पुलिस की टीम ने तफ्तीश में मामला सही पाया। इसके बाद आज योजनाबद्ध कार्रवाई करते हुए जिला चिकित्सालय के सामने पटवारी संतोष चिकवा को 47,000 रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया गया है। आरोपी के खिलाफ कोतवाली पन्ना में अग्रिम कागजी व कानूनी कार्रवाई जारी है।”

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