मध्य प्रदेश के दमोह जिले के मड़ियादो थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले पाटन गांव में गुरुवार देर रात मूसलाधार बारिश के चलते एक कच्चे मकान की दीवार अचानक ढह गई। इस हादसे में घर के अंदर सो रही मझली बाई (48) पत्नी बैजनाथ आदिवासी गंभीर रूप से घायल हो गईं। घटना की तुरंत सूचना डायल 112 को दी गई, लेकिन मुख्य मार्ग और गांव के बीच नाला उफान पर होने के कारण पुलिस वाहन और एम्बुलेंस समय पर गांव तक नहीं पहुंच सके, जिससे परिजनों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
🚜 ट्रैक्टर-ट्राली से उफनता नाला पार कराकर भेजा गया अस्पताल, हटा सिविल अस्पताल रेफर
परिजनों ने एम्बुलेंस न पहुंच पाने के कारण शुक्रवार सुबह किसी तरह एक ट्रैक्टर-ट्राली की व्यवस्था की और उफनते हुए नाले को जोखिम में डालकर घायल महिला को मुख्य मार्ग तक पहुंचाया। इसके बाद डायल 112 वाहन के माध्यम से उन्हें मड़ियादो प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहाँ प्राथमिक उपचार के बाद उनकी गंभीर हालत को देखते हुए उन्हें हटा सिविल अस्पताल रेफर कर दिया गया। इस घटना ने एक बार फिर ग्रामीण इलाकों में आपातकालीन चिकित्सा सेवाओं और परिवहन की बदहाल व्यवस्था को उजागर कर दिया है।
🌉 पक्का मार्ग और पुल न होने से ग्रामीणों की जान जोखिम में, प्रशासन से गुहार
ग्रामीणों का कड़ा आरोप है कि उनके गांव को मुख्य सड़क से जोड़ने के लिए आज तक कोई पक्का मार्ग या पुल का निर्माण नहीं कराया गया है। मुख्य सड़क और गांव के बीच एक बड़ा जंगली नाला पड़ता है, जिस पर पुल न होने के कारण बारिश के दिनों में थोड़ी सी बरसात में भी नाला उफन जाता है। इस नाले को पार करना ग्रामीणों और खासकर मरीजों के लिए हर बार जान जोखिम में डालने जैसा साबित होता है। ग्रामीणों ने शासन-प्रशासन से मांग की है कि जल्द से जल्द इस नाले पर पुल का निर्माण कराया जाए ताकि भविष्य में ऐसी किसी आपदा के समय समय पर मदद मिल सके।

More Stories
Madhya Pradesh Crime News Mauganj Tilya Village: मऊगंज जिले में सनसनीखेज वारदात, इलाज के बहाने घर में घुसे 5 नकाबपोश बदमाश
Free Education for Poor Children Gwalior News: झोपड़ी के बच्चों का भविष्य संवार रहे हैं रिटायर्ड बैंक मैनेजर मोहनलाल, पढ़िए प्रेरणादायक कहानी
Madhya Pradesh Remote Village Power Crisis: प्रशासनिक लापरवाही की हद, 34 मकानों वाले इस आदिवासी गांव में 12 साल से नहीं पहुंची बिजली