राजधानी भोपाल के 12 नंबर बस स्टॉप के पास स्थित प्रधानमंत्री आवास योजना (PMAY) के आवासीय परिसर में सोसायटी द्वारा लगाए गए एक विवादास्पद नोटिस को लेकर मामला अब तूल पकड़कर पुलिस थाने तक पहुँच गया है। ब्लॉक C-3 की सोसायटी की ओर से चस्पा किए गए इस नोटिस में फ्लैट किराए पर देने या बेचने के दौरान केवल एक विशिष्ट समुदाय (हिंदू परिवार) को प्राथमिकता देने की बात लिखित रूप से कही गई है। इस आपत्तिजनक नोटिस का संज्ञान लेते हुए स्थानीय नागरिकों और अधिवक्ताओं ने इस पर कड़ी आपत्ति जताई है और इसकी आधिकारिक शिकायत हबीबगंज थाने में दर्ज कराई गई है।
⚖️ मूल भूमिदाता के परिवार ने जताई गहरी आपत्ति, कहा—अल्पसंख्यकों के साथ किया जा रहा है खुला भेदभाव
इस पूरे मामले को लेकर रहवासी प्यारे खान उर्फ शमशो अहमद खान ने हबीबगंज थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई है। उन्होंने अपनी बात रखते हुए बताया कि शाहपुरा हलके में उनके दादा स्वर्गीय नूर मोहम्मद के नाम 150 एकड़ से अधिक जमीन थी, जिसे प्रशासन ने सार्वजनिक उपयोग के लिए अधिग्रहित किया था। उनके परिवार ने कभी इस बात पर आपत्ति नहीं जताई थी, लेकिन आज जब उसी जमीन पर बनी मल्टी में इस तरह की संकीर्ण मानसिकता वाले नोटिस लगाए जा रहे हैं, तो उन्हें बेहद ठेस पहुँची है। उनका आरोप है कि सोसायटी का यह रुख साफ तौर पर अल्पसंख्यकों के अधिकारों पर रोक लगाने और शहर के शांत माहौल को बिगाड़ने की एक सोची-समझी शरारत है।
🔍 पुलिस ने शुरू की मामले की जांच, जिम्मेदारों से पूछताछ की तैयारी
सामने आए इस विवादित नोटिस में साफ-सफाई, एक हजार रुपये मासिक मेंटेनेंस, पार्किंग और रात 10 बजे के बाद तेज आवाज न करने जैसे सामान्य और प्रशासनिक नियम भी लिखे गए हैं, लेकिन इसी के बीच धर्म के आधार पर किराएदार तय करने वाली शर्त मुख्य विवाद का कारण बन गई है। हबीबगंज थाना प्रभारी संजीव चौकसे ने इस संबंध में जानकारी देते हुए बताया कि पुलिस को लिखित शिकायत मिल चुकी है और मामले की गंभीरता से जांच करवाई जा रही है। यह नोटिस किसने और किस उद्देश्य से लगवाया है, इसकी पूरी पड़ताल की जा रही है और जल्द ही संबंधित समिति के पदाधिकारियों को पूछताछ के लिए थाने बुलाया जाएगा।

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