विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने अपनी घाना यात्रा के दौरान वहां के विदेश मंत्री सैमुअल ओकुडजेटो अब्लाक्वा के साथ उच्चस्तरीय मुलाकात की। इस दौरान दोनों नेताओं के बीच दोनों देशों के आपसी संबंधों को और अधिक मजबूत करने, नए क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने और ग्लोबल साउथ से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई। विदेश मंत्री जयशंकर ने स्पष्ट किया कि उनकी इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की घाना यात्रा के बाद बनी व्यापक साझेदारी को और आगे ले जाना तथा मौजूदा सहयोग को नई ऊंचाइयां देना है।
🌾 कृषि, स्वास्थ्य, रक्षा और डिजिटल तकनीक के क्षेत्र में साझा पहल
विदेश मंत्री ने रेखांकित किया कि भारत और घाना दोनों विकासशील देश समान प्रकार की चुनौतियों का सामना कर रहे हैं, ऐसे में दोनों देश अपने अनुभव साझा करके एक-दूसरे का सहयोग कर सकते हैं। उन्होंने घाना की ‘एसिड रीसेट’, ‘फीड घाना’ और ’10 लाख कोडर्स’ जैसी पहलों को भारत की आयुष्मान भारत, डिजिटल इंडिया, मिलेट्स और स्टार्टअप इंडिया योजनाओं से जोड़ा। इस दौरान कृषि अनुसंधान, जैव विविधता, फार्मास्यूटिकल्स, स्वास्थ्य, खनन, रक्षा और रेलवे जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर सहमति बनी और दो अहम समझौतों पर मुहर लगी।
🇺🇳 यूएनएससी सुधार और ग्लोबल साउथ की आवाज पर एक जैसी सोच
बैठक के दौरान वैश्विक मंचों और बहुपक्षीय संगठनों पर भी गंभीर चर्चा हुई। डॉ. जयशंकर ने अफ्रीकी यूनियन और इकोवास (ECOWAS) में घाना की महत्वपूर्ण भूमिका की सराहना की, विशेषकर तब जब घाना अगले वर्ष अफ्रीकी यूनियन की अध्यक्षता संभालने जा रहा है। इसके साथ ही संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) में सुधार और ग्लोबल साउथ की आवाज को वैश्विक स्तर पर बुलंद करने के मामले में दोनों देशों का दृष्टिकोण पूरी तरह समान पाया गया।

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