September 13, 2026

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Eco Friendly Ganesha 2026: बुरहानपुर के मिडिल स्कूल में गणेश प्रतिमा प्रदर्शनी, बच्चों ने दिया पर्यावरण संरक्षण का संदेश

बुरहानपुर। मध्य प्रदेश के बुरहानपुर जिले के तुरकगुराड़ा गांव स्थित शासकीय मिडिल स्कूल के मासूम विद्यार्थियों ने पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक अत्यंत सराहनीय और अनुकरणीय कदम उठाया है।

यहाँ के विद्यार्थियों ने अपनी रचनात्मक कला के माध्यम से खेतों की शुद्ध मिट्टी से भगवान गणेश की बेहद सुंदर और आकर्षक प्रतिमाओं का निर्माण किया है। स्कूल में विद्यार्थियों ने पूरे उत्साह, उमंग और श्रद्धाभाव के साथ मिट्टी को गणेश जी का सुंदर आकार देकर अपनी कलात्मक क्षमता का प्रदर्शन किया। इन प्रतिमाओं को आकर्षक रंगों से सजाया गया है, जिन्हें गणेशोत्सव के पावन अवसर पर विद्यार्थी अपने-अपने घरों में स्थापित करेंगे।

🏆 स्कूल में लगाई गई गणेश प्रतिमा प्रदर्शनी: उत्कृष्ट प्रतिमा बनाने वाले विद्यार्थियों को मिला पुरस्कार

स्कूल परिसर में बच्चों द्वारा निर्मित इन कलाकृतियों की एक भव्य प्रदर्शनी भी आयोजित की गई, जिसमें बच्चों के हुनर की जमकर तारीफ हुई। स्कूल प्रबंधन ने बच्चों की रचनात्मक कला को निखारने और उनका उत्साहवर्धन करने के उद्देश्य से प्रतियोगिता में प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को विशेष पुरस्कार देकर सम्मानित किया।

प्रतिमा निर्माण के पश्चात शिक्षकों ने विद्यार्थियों के साथ मिलकर पूरे विधि-विधान से भगवान गणेश की पूजा-अर्चना की और विघ्नहर्ता का आशीर्वाद प्राप्त किया।

🪔 घरों में विराजित होंगे मिट्टी के बप्पा: पूरे गणेशोत्सव के दौरान होगी विधि-विधान से पूजा

स्कूल के शिक्षक संजय राठौड़ ने जानकारी देते हुए बताया कि, “स्कूली बच्चों ने खेतों से लाई गई शुद्ध मिट्टी से अत्यंत सुंदर और आकर्षक गणेश प्रतिमाएं तैयार की हैं।

निर्माण के बाद स्कूल परिसर में ही वैदिक विधि-विधान से पूजा-अर्चना की गई, जहां शिक्षकों और बच्चों ने एक साथ बप्पा का आशीर्वाद लिया। इन प्रतिमाओं को बच्चे अपने घरों में स्थापित करेंगे और पूरे दस दिवसीय गणेशोत्सव के दौरान श्रद्धापूर्वक बप्पा की आराधना की जाएगी।”

🌊 POP की मूर्तियों से बढ़ता है जल प्रदूषण: ‘श्रद्धा भी, प्रकृति की रक्षा भी’ का दिया प्रेरणादायक संदेश

दरअसल, प्लास्टर ऑफ पेरिस (POP) से बनी मूर्तियां नदियों, तालाबों और अन्य जलाशयों में विसर्जित होने के बाद पानी को जहरीला और प्रदूषित करती हैं, जिससे जलीय जीवों के जीवन पर गंभीर संकट छा जाता है।

इन समस्याओं की गंभीरता को समझते हुए शासकीय मिडिल स्कूल के शिक्षकों ने विद्यार्थियों को इको-फ्रेंडली मिट्टी के गणेश जी बनाने के लिए प्रेरित किया। इसके बाद शिक्षकों ने खेतों से शुद्ध मिट्टी मंगवाई। शिक्षक संजय राठौड़ और देवानंद वानखेड़े ने बताया कि, “मिट्टी की प्रतिमाएं पर्यावरण के पूरी तरह अनुकूल होती हैं और विसर्जन के बाद मिट्टी पुनः प्रकृति में आसानी से घुल-मिल जाती है। बच्चों ने इस पहल से ‘श्रद्धा भी, प्रकृति की रक्षा भी’ का अद्भुत संदेश दिया है।”

🌿 शिक्षा के साथ बच्चों में विकसित हो रहे संस्कार: प्रधान अध्यापक धनराज महाजन ने सराही पहल

स्कूल के प्रधान अध्यापक धनराज महाजन ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि, “हमारे विद्यालय के विद्यार्थियों ने मिट्टी से गणेश जी की प्रतिमाओं का निर्माण कर उत्कृष्ट कार्य किया है।

अध्ययन के साथ-साथ बच्चों के भीतर बचपन से ही पर्यावरण संरक्षण और सामाजिक उत्तरदायित्व की भावना विकसित हो रही है, जो बेहद सराहनीय है। इस प्रकार के आयोजनों से बच्चों में धार्मिक श्रद्धा के साथ-साथ रचनात्मक कला का भी सर्वांगीण विकास होता है।”

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