इंदौर: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव आज शनिवार को इंदौर के कुमेड़ी में एयरपोर्ट की तर्ज पर बन रहे सर्वसुविधायुक्त, वातानुकूलित तथा मध्यप्रदेश के सबसे बड़े अंतर्राज्यीय बस टर्मिनल (ISBT) का निरीक्षण किया।
मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने कहा कि इंदौर में बनने वाले सर्वसुविधायुक्त, वातानुकूलित बस टर्मिनल की सुविधा दिसम्बर माह से मिलना शुरू हो जयेगी। इस बस टर्मिनल से इंदौर और मध्यप्रदेश का देश में गौरव बढ़ेगा। उन्होंने बताया कि इंदौर के कुमेड़ी क्षेत्र में 15 एकड़ क्षेत्रफल में 101 करोड़ रुपये की लागत से इंदौर विकास प्राधिकरण द्वारा अंतर्राज्यीय बस टर्मिनल (ISBT) बनाया जा रहा है। यह बस टर्मिनल आगामी दिसंबर माह में बनकर तैयार हो जाएगा।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सरकार प्रदेश में तेजी से विकास कर रही है। प्रदेश के चहुंमुखी विकास की ओर ध्यान दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि यह बस टर्मिनल सिंहस्थ के लिये भी बड़ी सौगात होगा। इससे यात्रियों को बेहतर आवागमन सुविधाएं मिलेंगी। उन्होंने टर्मिनल से जुड़े जन-प्रतिनिधियों, जिला प्रशासन तथा इंदौर विकास प्राधिकरण के अधिकारियों के कार्यों की सराहना कर बधाई दी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने टर्मिनल के सामने ही बन रहे मेट्रो रेल स्टेशन का भी निरीक्षण किया। उन्होंने मेट्रो का कार्य भी तेज गति से करते हुए पूरा करने के निर्देश दिये।
बस टर्मिनल की विशेषताएँ
इंदौर के नवनिर्मित अन्तर्राज्यीय बस टर्मिनल (आईएसबीटी) पर लगभग 1440 बसें 24 घंटे में आयेंगी। बस टर्मिनल पूर्णतः वातानुकूलित व सर्वसुविधायुक्त बनेगा। यात्रियों की सुविधा के लिए 14 टिकट काउन्टर रहेंगे। लगभग 1000 वाहनों की पार्किंग सुविधा भी रहेगी। यहाँ से गुजरात, राजस्थान, भोपाल, जबलपुर, छिंदवाड़ा, सागर आदि स्थानों के लिए बसें जाएंगी। कुल 43 बस प्लेटफार्म निर्मित किये गये हैं, जिसमें 28 प्लेटफार्म जाने वाली बसों के लिए एवं 15 प्लेटफार्म आने वाली बसों के लिए निर्धारित हैं। टर्मिनल बिल्डिंग में प्रतिदिन 80 हजार यात्रियों का आवागमन प्रस्तावित है, जिसमें व्यस्ततम समय में भी लगभग 8 हजार व्यक्ति एक साथ आवागमन कर सकेंगें। यात्री बसों के आगमन एवं निर्गमन के लिये पृथक-पृथक द्वार बनाये गये हैं।
आईएसबीटी परिसर में लगभग 600 दो पहिया वाहन, 160 टैक्सी कार, 150 आटो-रिक्शा एवं लगभग 50 प्रायवेट कारों के लिए पृथक से पार्किंग की व्यवस्था की गयी है। इसके अतिरिक्त लगभग 315 चार पहिया वाहनों की पार्किंग की व्यवस्था तल घर में भी है। पार्किंग स्थल पर दो सुलभ शौचालय का निर्माण भी किया गया है।
टर्मिनल बिल्डिंग में 500 यात्रियों के बैठने की व्यवस्था है एवं एयरपोर्ट के समान वीआईपी लाउंज का भी निर्माण किया गया है। टर्मिनल ब्लॉक में टिकिट काउंटर, पूछताछ कार्यालय, पुलिस चौकी, मेडिकल रूम एवं क्लॉक रूम की व्यवस्था गई है। संपूर्ण टर्मिनल बिल्डिंग में एयरपोर्ट की तरह एयर कुलिंग सिस्टम रहेगा जो कि प्रदेश के किसी भी आईएसबीटी में नहीं है। यात्रियों की सुविधा के लिये 16 रेस्टोरेन्ट, 37 दुकानें, 33 कार्यालय भवन एवं 2 एटीएम का भी निर्माण किया गया है। आईएसबीटी को मेट्रो स्टेशन से भी सीधे जोड़ा गया है, जिससे मेट्रो के यात्री सीधे बस स्टैण्ड परिसर में एवं बस के यात्री सीधे मेट्रो स्टेशन पहुंच सकेंगें। आवागमन की सुविधा के लिये आईएसबीटी के सामने 75 मीटर चौड़ा एमआर-10 एवं तीन तरफ 30 मीटर चौड़े रोड बनाये गये हैं। परिसर में वर्षा जल के रिचार्जिंग की व्यवस्था भी की गई है।
इस अवसर पर जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट, सांसद शंकर लालवानी, विधायक महेंद्र हार्डिया, मधु वर्मा, मनोज पटेल और गोलू शुक्ला, संभागायुक्त दीपक सिंह, पुलिस कमिश्नर राकेश गुप्ता, कलेक्टर आशीष सिंह, अनुसूचित जाति वित्त विकास निगम के अध्यक्ष सावन सोनकर, इंदौर विकास प्राधिकरण के पूर्व अध्यक्ष जयपाल सिंह चावड़ा, गौरव रणदिवे, इंदौर विकास प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालन अधिकारी आर.पी. अहिरवार सहित अन्य अधिकारी और जनप्रतिनिधि गण मौजूद थे।

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