छिंदवाड़ा। मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा जिले से इस वक्त की बड़ी राजनीतिक खबर सामने आ रही है। भारतीय जनता पार्टी (BJP) की संभागीय बैठक के तुरंत बाद भाजपा के वरिष्ठ नेता और जिला पंचायत उपाध्यक्ष अमित सक्सेना ने पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया है। क्षेत्र में एक प्रमुख किसान नेता के रूप में गहरी पहचान रखने वाले अमित सक्सेना ने पार्टी पर किसानों के साथ धोखा करने और उन पर लगातार अन्याय करने का गंभीर आरोप लगाया है, जिससे राजनीतिक गलियारों में हलचल मच गई है।
🌾 सूखाग्रस्त घोषित करने और न्यूक्लियर पावर प्लांट के खिलाफ किया था बड़ा आंदोलन: थमाया गया था नोटिस
हाल ही में अमित सक्सेना ने छिंदवाड़ा जिले को सूखाग्रस्त घोषित कराने तथा क्षेत्र में बन रहे न्यूक्लियर पावर प्लांट को रद्द करने की मांग को लेकर कलेक्ट्रेट कार्यालय का घेराव करते हुए एक विशाल किसान आंदोलन का नेतृत्व किया था। इस प्रदर्शन के बाद बीजेपी संगठन ने उन्हें कारण बताओ नोटिस जारी किया था। अमित सक्सेना ने दोटूक कहा कि किसानों के हक की लड़ाई लड़ना उनका अधिकार है और वे किसी के इशारों पर नाचने वाले ‘सर्कस के शेर’ नहीं हैं, बल्कि किसान उनकी असली ताकत हैं।
🔄 नकुलनाथ की अगुवाई में फिर से कांग्रेस का दामन थामेंगे अमित सक्सेना: लोकसभा चुनाव से पहले छोड़ा था साथ
गौरतलब है कि वर्ष 2024 के लोकसभा चुनाव के दौरान अमित सक्सेना ने कांग्रेस छोड़कर बीजेपी का दामन थामा था। अब एक बार फिर उन्होंने भगवा पार्टी का साथ छोड़ दिया है। शनिवार को छिंदवाड़ा पहुँच रहे पूर्व सांसद नकुलनाथ की अगुवाई में अमित सक्सेना एक बार फिर से कांग्रेस पार्टी में वापसी करेंगे। किसान नेता के इस कदम से जिले की स्थानीय राजनीति में समीकरण तेजी से बदलने लगे हैं।

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