September 20, 2026

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Burhanpur Politics Update: AIMIM पार्षद रफीक अहमद का पार्टी से त्यागपत्र; प्रदेश नेतृत्व पर अमीर-गरीब के भेदभाव और लेन-देन का आरोप

बुरहानपुर। ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) को मध्य प्रदेश के बुरहानपुर जिले में बड़ा राजनीतिक झटका लगा है। बुरहानपुर नगर निगम के वार्ड क्रमांक-2 (नेहरू नगर) से निर्वाचित पार्षद रफीक अहमद ने पार्टी की प्राथमिक सदस्यता सहित अपने सभी सांगठनिक पदों से त्यागपत्र देने की आधिकारिक घोषणा की है। उन्होंने अपना त्यागपत्र एआईएमआईएम के राष्ट्रीय अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी तथा मध्य प्रदेश प्रभारी सैयद मिनहाजउद्दीन को प्रेषित कर दिया है। उल्लेखनीय है कि बुरहानपुर नगर निगम में रफीक अहमद ही एआईएमआईएम के एकमात्र पार्षद थे।

💸 “अमीरों को तवज्जो और पद के बदले लेन-देन”: पार्षद ने वरिष्ठ नेताओं पर लगाए गंभीर आरोप

पार्टी छोड़ने की घोषणा करते हुए पार्षद रफीक अहमद (मास्टर) ने संगठन के प्रादेशिक व स्थानीय नेतृत्व पर अनदेखी का सीधा आरोप लगाया।

उन्होंने कहा, “स्थानीय स्तर से लेकर प्रदेश स्तर तक पार्टी में जिम्मेदार नेतृत्व का अभाव हो चुका है। संगठन में समर्पित एवं गरीब कार्यकर्ताओं को पूरी तरह नजरअंदाज कर धनबल वाले लोगों को प्राथमिकता दी जा रही है। पार्टी के कुछ बड़े पदाधिकारी जिम्मेदारी और पद सौंपने के बदले पैसे का लेन-देन तक करते हैं। इस उपेक्षा और भ्रष्टाचार से व्यथित होकर मैंने पार्टी छोड़ने का फैसला लिया है।”

🔄 सांगठनिक फेरबदल के बाद भड़का असंतोष: जिलाध्यक्ष न बनाए जाने की राजनीतिक चर्चाएं तेज

रफीक अहमद के इस्तीफे का यह घटनाक्रम ठीक उसी दिन सामने आया, जिस दिन एआईएमआईएम के प्रदेश अध्यक्ष मोहसिन अली खान बुरहानपुर प्रवास पर थे।

शनिवार को प्रदेश अध्यक्ष ने जिला संगठन में बड़ा फेरबदल करते हुए डॉ. जीशान को नया जिलाध्यक्ष नियुक्त किया था। राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि रफीक अहमद स्वयं जिलाध्यक्ष पद की दौड़ में थे और मनोनीत न किए जाने के कारण उन्होंने यह कड़ा कदम उठाया। हालांकि, रफीक अहमद ने स्पष्ट किया कि अनदेखी के कारण जमीनी कार्यकर्ताओं का मनोबल लगातार टूट रहा है।

💬 प्रदेश अध्यक्ष मोहसिन अली की सफाई: “इस्तीफे के कारणों की जांच कर करेंगे मंथन”

पार्षद द्वारा लगाए गए आरोपों और इस्तीफे पर प्रतिक्रिया देते हुए एआईएमआईएम के प्रदेश अध्यक्ष मोहसिन अली ने आरोपों को निराधार बताया।

उन्होंने कहा, “इस्तीफा देने वाले पार्षद का कोई आधिकारिक पत्र या डेटा फिलहाल मेरे पास नहीं पहुँचा है। मैं उनके द्वारा उठाए गए विषयों और त्यागपत्र देने के वास्तविक कारणों की जानकारी ले रहा हूँ, ताकि संगठन के भीतर इस पर विस्तृत मंथन किया जा सके।”

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